पीपली बी ऋषभदेव का शांतिनाथ जैन मंदिर बना भव्य धाम, 70-80 लाख से हुआ जीर्णोद्धार
पीपली बी ऋषभदेव के शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर का 70-80 लाख रुपए से जीर्णोद्धार हुआ, सेवा और श्रद्धा से बदली मंदिर की तस्वीर।
तस्वीर में विधानाचार्य पंडित पारस जैन माइक पर बोलते हुए नजर आ रहे हैं।
अतिशय क्षेत्र शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पीपली बी ऋषभदेव केसरियाजी का जीर्णोद्धार श्रद्धा, सेवा और निरंतर प्रयासों से हुआ। विधानाचार्य पंडित पारस जैन ऋषभदेव के अनुसार जनवरी सन् 2021 में उन्हें शांतिनाथ भगवान की सेवा करने का मौका मिला और इसी दौरान उनका इस मंदिर में आना हुआ।
पंडित पारस जैन ने बताया कि जब वे जनवरी 2021 में मंदिर पहुंचे, तब पूरा मंदिर खंडहर जैसा था और वहां डर सा लगता था। बारिश के समय पूरे परिसर और छतों पर पानी टपकता था तथा मंदिर की स्थिति पूरी तरह झर-झर अवस्था में थी। मंदिर में लाइट की भी व्यवस्था नहीं थी। करीब दो माह तक मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में शांतिनाथ भगवान की शांतिधारा और पूजा-अर्चना की गई।
उन्होंने बताया कि सच्ची आराधना करने से आज मंदिर एक जन्नत के रूप में परिवर्तित हो गया है। उस समय उन्होंने भगवान से एक ही प्रार्थना की थी कि वे निरंतर उनकी सेवा करते रहें और उनके मन में कभी ऐसा विकल्प न आए कि वे भगवान की सेवा नहीं करें। उन्होंने प्रार्थना की थी कि उनके निमित्त से इस मंदिर का जीर्णोद्धार हो सके।
पंडित पारस जैन के अनुसार शांतिनाथ भगवान ने उनकी प्रार्थना सुनी और भगवान की असीम कृपा से आज मंदिर का जीर्णोद्धार हो गया। उन्होंने बताया कि कई यात्रियों को यह जानकारी नहीं थी कि पीपली में जैन मंदिर है। उन्होंने मंदिर में जलाभिषेक और शांतिधारा करते हुए प्रत्येक मोबाइल में ग्रुप के माध्यम से मंदिर का प्रचार-प्रसार किया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद ऐसे यात्रियों का मंदिर से जुड़ाव बढ़ता गया, जो अपनी मनोकामना लेकर आए और सुखी होकर गए। यात्रियों के जुड़ते जाने के साथ मंदिर के विकास के लिए भी प्रयास लगातार आगे बढ़ते गए। उनके अनुसार उन्होंने मंदिर के नाम से समाज के पास एक रुपया भी नहीं लिया।
पंडित पारस जैन ने बताया कि यात्रियों के काम होते गए और मंदिर में पैसा लगता गया। उन्होंने अपने स्तर पर कम से कम 70 से 80 लाख रुपए मंदिर में लगा दिए। इसके बाद आज यह मंदिर चमत्कारिक रूप से भव्य मंदिर बन गया है।
मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद कई गांवों और शहरों से यात्रियों का आवागमन बढ़ा है और पीपली स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर की पहचान भी बनी है। वर्ष 2021 में जिस मंदिर की स्थिति खंडहर जैसी थी, वह आज श्रद्धा और सेवा के निरंतर प्रयासों से भव्य स्वरूप में दिखाई दे रहा है।