बस स्टैंड पर नाली अवरुद्ध, सड़क पर गंदा पानी; 2 साल से ग्रामीण परेशान
भोपाखेड़ा बस स्टैंड की नाली अवरुद्ध होने से सड़क पर गंदा पानी बह रहा है। छात्राओं और राहगीरों की परेशानी के बीच 2 साल से समस्या बरकरार है।
तस्वीर में भोपाखेड़ा बस स्टैंड के पास सड़क पर फैला गंदा पानी और कचरा दिखाई दे रहा है।
खेरोदा के निकटवर्ती ग्राम पंचायत भोपाखेड़ा के मुख्य बस स्टैंड पर पानी निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बस स्टैंड की नाली को कुछ लोगों द्वारा मिट्टी डालकर जानबूझकर अवरुद्ध किए जाने से नालियों का बदबूदार गंदा पानी सड़क और यात्री विश्रांति गृह के आसपास फैल रहा है। पूरे क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है। गंदे पानी के कारण मच्छरों के पनपने से मौसमी बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
गंदे पानी के भराव से बस स्टैंड स्थित यात्री विश्रांति गृह में यात्रियों का बैठना तक मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी स्थानीय बालिका विद्यालय में पढ़ने जाने वाली छात्राओं को उठानी पड़ रही है। स्कूल जाने के लिए बालिकाओं को इसी गंदे और कीचड़युक्त पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस दौरान आए दिन छात्राएं फिसलकर गिर रही हैं, जिससे उनकी यूनिफॉर्म और किताबें खराब हो रही हैं। मोहल्लेवासी भी दुर्गंध और अस्वच्छता के माहौल में रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत प्रशासन से लेकर उच्च अधिकारियों तक कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन पिछले लगभग 2 वर्षों से पंचायत प्रशासन उदासीन रवैया अपनाए हुए है। ग्रामीणों के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने के बाद मौका मुआयना करने के बजाय किसी अन्य स्वच्छ स्थान की फोटो खींचकर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाती है और कागजों में निस्तारण दिखाकर मामला समाप्त कर दिया जाता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मौके की जांच करवाकर अवरुद्ध नाली को तुरंत खुलवाया जाए। साथ ही नियमित सफाई सुनिश्चित करने और पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की गई है, ताकि बस स्टैंड से गुजरने वाले यात्रियों, स्थानीय लोगों और स्कूल जाने वाली बालिकाओं को इस समस्या से राहत मिल सके।