शामलाजी: मोड़ कलाल समाज ने जारी की नवीन नियमावली, सामाजिक विवादों का किया निपटारा
डूंगरपुर की 11 इकाइयों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सामाजिक अनुशासन, सद्भाव और पारिवारिक एकता को मजबूत करने के लिए नई नियमावली का विमोचन किया गया।
तस्वीर में शामलाजी के विश्वकर्मा भवन में समाज के पदाधिकारी नियमावली की प्रतियां दिखाते हुए।
शामलाजी में विश्वाकर्मा भवन में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को मोड़ (मेवाड़ा) कलाल समाज सेवा संस्थान (11 इकाई), डूंगरपुर की जनरल बैठक आयोजित हुई। बैठक में समाज की नवीन सामाजिक रीति-रिवाज एवं नियमावली का विमोचन किया गया। साथ ही पारिवारिक विवाद एवं सामाजिक नियम उल्लंघन से संबंधित विभिन्न प्रकरणों की सामाजिक स्तर पर जनसुनवाई कर उचित निर्णय लिए गए।
बैठक में समाज के जनरल अध्यक्ष श्री राकेश कुमार पटेल, संरक्षक श्री नगीन लाल कलाल, सभा अध्यक्ष श्री भरत लाल, पूर्व अध्यक्ष श्री चिमनलाल कलाल, श्री मांगीलाल खेमारू, पूर्व संरक्षक श्री रमण लाल नवाडेरा, सह-संरक्षक श्री गणपत लाल अनसोल, श्री चंदूलाल बोरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री प्रकाश चन्द्र कलाल, उपाध्यक्ष श्री रामलाल थाना, श्री अमित खेरवाड़ा, वरिष्ठ महिला उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा देवी सहित 11 इकाइयों के प्रमुख, संरक्षकगण, केंद्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारी, समाजबंधु एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे।
समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं अतिथियों द्वारा नवीन सामाजिक नियमावली का विधिवत विमोचन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि समय के साथ सामाजिक व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करते हुए ऐसी नियमावली का पालन आवश्यक है, जिससे समाज में एकरूपता, अनुशासन, सामाजिक सद्भाव एवं आपसी भाईचारा मजबूत हो सके।
बैठक में प्राप्त पारिवारिक विवाद एवं सामाजिक नियम उल्लंघन संबंधी प्रकरणों पर गंभीरता एवं निष्पक्षता से सुनवाई की गई। प्रत्येक पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया। पारिवारिक विवाद प्रकरणों की सुनवाई के लिए वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री प्रकाश चन्द्र खेरवाड़ा, सह-संरक्षक श्री गणपत लाल अनसोल, उपाध्यक्ष श्री आर. टी. पटेल चितरोड़ी एवं श्री हवचन्द संचिया के नेतृत्व में समितियों का गठन किया गया। समितियों ने दोनों पक्षों की बात सुनकर प्रकरणों की जांच की और सामाजिक रीति-रिवाज एवं नियमावली के अनुरूप उचित निर्णय लिए।
नवीन सामाजिक नियमावली के विमोचन अवसर पर जनरल अध्यक्ष श्री राकेश कुमार पटेल ने समाजबंधुओं से धार्मिक मान्यताओं एवं सामाजिक परंपराओं का सम्मान करते हुए समाज की निर्धारित नियमावली के अनुसार मर्यादित आचरण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत एवं सामाजिक उन्नयन में सभी समाजबंधुओं की सकारात्मक भागीदारी आवश्यक है। आपसी सहयोग, अनुशासन, शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक एकता के माध्यम से समाज को निरंतर प्रगति की ओर ले जाने में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नवीन सामाजिक नियमावली का उद्देश्य किसी व्यक्ति पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव, समानता, अनुशासन, सामाजिक मर्यादा एवं पारिवारिक एकता को मजबूत करना है।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री डॉ. मोहन लाल कलाल एवं सचिव श्री कल्पेश कलाल ने किया। अंत में सभाध्यक्ष श्री भरत लाल, खेरवाड़ा ने सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान करते हुए बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया।