मेवाड़ का प्रसिद्ध लोकनाट्य गवरी: रावतपुरा में गडावन रस्म के साथ समापन
सवा महीने तक चले इस लोकनाट्य महोत्सव के अंतिम दिन पूजा-अर्चना के बाद गोरज्जा माता की भव्य सवारी निकाली गई और धार्मिक प्रसंगों का मंचन हुआ।
तस्वीर में ग्रामीण माता गोरज्जा की मूर्ति के साथ सड़क पर धार्मिक सवारी निकालते दिख रहे हैं।
खेरोदा, 04 अक्टूबर 2026। मेवाड़ के प्रसिद्ध लोकनाट्य गवरी के सवा महीने तक चले आयोजनों का रविवार को रावतपुरा में गडावन हुआ। गवरी के अंतिम दिन मां दुर्गा और माता गोरज्जा की विशेष पूजा-अर्चना के बाद रात्रि में गडावन का विधिवत शुभारंभ हुआ। समापन अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह के साथ भक्ति का माहौल रहा।
गडावन की रस्मों के तहत खेरोदा स्थित प्रजापत के यहां से थाली-मांदल और ढोल की थाप पर गोरज्जा माता की सवारी गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। सवारी माताजी मंदिर से रवाना होकर गांव के प्रमुख मार्गों गांधी चौक, होली चौक, सदर बाजार और बस स्टैंड होते हुए रावतपुरा पहुंची। रास्ते भर ग्रामीणों ने माताजी के दर्शन किए और जगह-जगह सवारी का स्वागत किया।
आज रात्रि में गवरी के विभिन्न प्रसंगों (खेलों) का मंचन किया जाएगा। इसके पश्चात मां दुर्गा की आराधना कर गवरी का अंतिम विसर्जन संपन्न होगा। इस प्रकार सवा महीने से चल रहे गवरी महोत्सव का रावतपुरा में गडावन के साथ समापन होगा।