तस्वीर में ऋषभदेव के विवेकानंद केंद्र विद्यालय में आयोजित भारत विकास परिषद की प्रांतीय प्रतियोगिता के दौरान विजेता प्रतिभागियों और अतिथिगण नजर आ रहे हैं।

ऋषभदेव में भारत विकास परिषद, राजस्थान दक्षिण प्रांत की ओर से प्रांत स्तरीय राष्ट्रीय समूह गान, संस्कृत समूह गान एवं लोकगीत प्रतियोगिता-2026 का आयोजन एलएनजे मिल परिसर स्थित विवेकानंद केंद्र विद्यालय में किया गया। प्रतियोगिता में प्रांत की 19 शाखाओं की टीमों ने भाग लिया, जबकि मुख्य अतिथि सुनील जे. सिंघी ने अपने संबोधन में राजस्थान दक्षिण प्रांत की 20 टीमों के स्पर्धा में शामिल होने की बात कही।

कार्यक्रम सुनील जे. सिंघी, चेयरमैन, नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड, भारत सरकार के मुख्य आतिथ्य तथा समाजसेवी एवं भामाशाह गजेंद्र सुरावत के परम मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। जयराज आचार्य, सह संयोजक राष्ट्रीय गतिविधि सेवा, आर.के. पांडे, सीईओ एलएनजे ग्रुप, संजीव भारद्वाज, क्षेत्रीय संयोजक संपर्क और प्राण भाणावत, भारत विकास परिषद ऋषभदेव शाखा अध्यक्ष विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष मयंक दोसी ने की। प्रांतीय महासचिव सुधीर वोरा ने आयोजन की जानकारी दी।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर की। शाखा अध्यक्ष प्राण भाणावत ने शाब्दिक स्वागत किया। प्रांतीय संस्कार संयोजक संजय गुप्ता ने प्रतियोगिता के नियमों की जानकारी दी और निर्णायकों का परिचय कराया।

प्रांतीय अध्यक्ष मयंक दोसी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र प्रेम, देव भाषा संस्कृत और लोकगीतों का अपना अलग आनंद है। उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद की यह प्रतियोगिता पूरे देश में अनूठा स्थान रखती है। प्रतियोगिता में प्रांत की 19 शाखाओं की टीम भाग ले रही हैं।

विशिष्ट अतिथि जयराज आचार्य ने बताया कि भारत विकास परिषद वर्ष 1966 से इस प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है। शाखा स्तर से प्रांत, प्रांत से रीजन और रीजन से राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभाओं को अवसर मिलता है।

मुख्य अतिथि सुनील जे. सिंघी ने कहा कि विवेकानंद केंद्र और भारत विकास परिषद के आयोजन से भारत विकास परिषद ने अपने सेवा कार्य के माध्यम से आमजन को जोड़ा है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री जी भी इससे जुड़े हैं और वे स्वयं भी इससे जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति के गीतों और संस्कृत के गीतों की इस स्पर्धा में राजस्थान दक्षिण प्रांत की 20 टीम स्पर्धा करेगी। कोई विजेता बनेगा और कोई रह जाएगा, लेकिन प्रेरणा से प्रेरित होकर ऐसे प्रकल्प की प्रेरणा करनी चाहिए कि हम सब जीतेंगे। उन्होंने सभी से खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की बात कही और अपने बीच आने का अवसर देने के लिए भारत विकास परिषद का आभार व्यक्त किया।

मुख्य अतिथि के संबोधन के बाद आर.के. पांडे, सीईओ एलएनजे ग्रुप ने भारत के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं नई पीढ़ी को प्रेरणा देती हैं।

इस अवसर पर शाखा के तपस्वी दिनेश जी वाणावत का 16 उपवास करने पर प्रांत की ओर से बहुमान किया गया।

इसके बाद लगभग पांच घंटे तक राष्ट्रभक्ति और देवभाषा संस्कृत के गीतों की प्रस्तुतियों का दौर चला। गीतों की प्रस्तुतियों के दौरान उपस्थित लोग झूमते रहे। टीमों के बीच मुकाबला काफी नजदीकी रहा।

समापन सत्र और पारितोषिक वितरण कार्यक्रम क्षेत्रीय संयोजक सेवा गिरीश सोमपुरा, प्रांतीय संरक्षक बादशाह सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष मयंक दोसी, प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र पंड्या, शाखा संरक्षक महावीर कोठारी, रवि पंचाल सचिव और आनंद मेहता कार्यक्रम संयोजक के आतिथ्य में संपन्न हुआ।

प्रांतीय वित्त सचिव डॉ. एस.एन. चेचानी ने समापन सत्र का, प्रशांत जैन ने उद्घाटन सत्र का और जगदीश व्यास ने प्रतियोगिता सत्र का संचालन किया। संगठन सचिव नवीन वर्डिया ने आभार व्यक्त किया।

प्रांतीय महासचिव सुधीर वोरा ने प्रतियोगिता का परिणाम घोषित किया। परिणाम के अनुसार महावीर मॉडर्न पब्लिक स्कूल ऋषभदेव शाखा प्रथम, सेंट्रल पब्लिक स्कूल भूपालपुरा सुभाष शाखा द्वितीय, सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रतापगढ़ तृतीय और रिलाएबल एकेडमी कपासन शाखा सांत्वना पुरस्कार की हकदार बनी।

प्रांत की ओर से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों के साथ सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और पारितोषिक प्रदान किए गए। शाखा सचिव रवि पंचाल ने प्रतियोगिता के आयोजन के लिए दिए गए सहयोग के लिए संस्था प्रधान पद्मनि नायडू, प्रांत एवं शाखा के सभी दायित्वधारी और कर्मठ साथियों तथा प्रतियोगिता में टीम लेकर आए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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