रामदेवरा पदयात्रा: खेरोदा समेत ग्रामीण अंचलों से रवाना हुए जत्थे
मेवाड़ क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बाबा रामदेव के दर्शन के लिए श्रद्धालु रवाना, जगह-जगह राम रसोड़ों में विश्राम व भोजन की व्यवस्था।
तस्वीर में खेरोदा के मंदिर परिसर में हाथ जोड़कर बैठी महिला श्रद्धालु दिखाई दे रही हैं।
खेरोदा, 03 सितंबर 2026। भादवे के पावन महीने में लोकदेवता बाबा रामदेव के दर्शन के लिए समूचे ग्रामीण अंचल से श्रद्धालुओं का सैलाब रामदेवरा (रुणिचा) की ओर उमड़ रहा है। प्रतापगढ़, धरियावद, कानोड़, भींडर, बांसी, खेरोदा और अमरपुरा खालसा सहित आसपास के कस्बों व गांवों से प्रतिदिन हजारों की तादाद में श्रद्धालु रामदेवरा के लिए प्रस्थान कर रहे हैं।
बाबा रामदेव के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं के कई जत्थे पैदल यात्रा पर निकल रहे हैं, वहीं कई श्रद्धालु दोपहिया वाहनों (बाइक,कार) पर ध्वज लेकर रामदेवरा की ओर रवाना हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से पूरे क्षेत्र का वातावरण धर्ममय हो गया है।
यात्रा मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों की ओर से पदयात्रियों का स्वागत किया जा रहा है। लंबी दूरी तय करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गांवों और मुख्य मार्गों पर 'राम रसोड़े' स्थापित किए गए हैं।
इन सेवा शिविरों में यात्रियों के लिए अल्पाहार, चाय, निःशुल्क भोजन, प्राथमिक चिकित्सा और विश्राम की पुख्ता व्यवस्था की गई है। सेवा शिविरों के माध्यम से पदयात्रियों को यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भक्ति और सेवा के इस संगम के बीच मार्गों पर दिन-रात बाबा रामदेव के भजनों की गूंज सुनाई दे रही है। ग्रामीण अंचलों से रामदेवरा के लिए लगातार रवाना हो रहे श्रद्धालुओं के जत्थों से क्षेत्र में आस्था और धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।
फोटो 01: खेरोदा में रामदेवरा जाते हुआ जत्था
फोटो: बुद्धि प्रकाश पाराशर, खेरोदा