नगरपालिका एवं पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में मतदान को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के समय प्रत्येक मतदाता की पहचान सुनिश्चित होना जरूरी है। मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) उपलब्ध नहीं होने पर मतदाता 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत कर मतदान कर सकेगा।

आयोग के अनुसार मतदान के लिए आधार कार्ड, विकसित भारत—गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) / मनरेगा कार्ड, बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड / आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र या राज्य सरकार, लोक उपक्रम अथवा पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र, सांसद एवं विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र और यूडीआईडी (Unique Disability ID) कार्ड मान्य होंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से विशेष ध्यान रखने को कहा है कि वे मतदान केंद्र पर अपनी पहचान के लिए इन 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज साथ लेकर आएं।

आयोग ने परिवार के सदस्यों के मतदान से जुड़ी एक महत्वपूर्ण व्यवस्था भी स्पष्ट की है। यदि परिवार के मुखिया के पास इन 11 दस्तावेजों में से कोई एक वैध फोटो पहचान दस्तावेज उपलब्ध है, तो परिवार के अन्य सदस्यों की पहचान परिवार के मुखिया द्वारा किए जाने पर उन्हें भी मतदान कराया जा सकेगा।

इस व्यवस्था के तहत मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों के माध्यम से पहचान सुनिश्चित कर मतदान की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

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