खेरवाड़ा: पहाड़ा ग्राम सभा में उठी अकाल घोषित करने और पानी की मांग
गांधी जयंती पर हुई विशेष ग्राम सभा में महिलाओं ने जल जीवन मिशन पूरा करने और अकाल राहत कार्य शुरू करने के लिए 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
खेरवाड़ा के पहाड़ा में आयोजित ग्राम सभा के दौरान अधिकारी को ज्ञापन सौंपतीं महिलाएं।
खेरवाड़ा। गांधी जयंती के अवसर पर गुरुवार को नयागांव उपखंड की ग्राम पंचायत पहाड़ा में विशेष ग्राम सभा आयोजित हुई। सभा में सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दिलीप मीणा की अध्यक्षता में हुई ग्राम सभा में ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और विकास संबंधी प्रस्ताव लिए गए।
ग्राम सभा में उजाला समूह की सैकड़ों महिलाओं ने ज्ञापन सौंपकर 10 सूत्रीय मांगों पर प्रस्ताव पारित करने की मांग रखी। महिलाओं ने कहा कि सूखा और पेयजल संकट के कारण गांव की स्थिति गंभीर है। सभा में सूखा एवं अकाल राहत के तहत कम बारिश के कारण फसल खराब होने पर पहाड़ा पंचायत को अकाल घोषित कर राहत कार्य शुरू करने की मांग की गई।
मनरेगा के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 125 दिन का रोजगार देने और लंबित भुगतान तुरंत करने, गरीब-मजदूर परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराने तथा वंचित लोगों को खाद्य सुरक्षा सूची में जोड़ने की मांग भी रखी गई।
ग्रामीणों ने गांव और ढाणियों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ पशुओं के लिए पानी और चारे की व्यवस्था करने की मांग की। वृद्ध, विधवा और दिव्यांगों को पेंशन समय पर दिलाने तथा नए पात्र लोगों के आवेदन स्वीकृत करने, ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और श्रमिक परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
शिक्षा एवं आंगनवाड़ी व्यवस्था को लेकर स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों की मरम्मत, मिड-डे मील और पोषाहार की गुणवत्ता में सुधार की मांग की गई। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए PHC पर डॉक्टर-स्टाफ की नियमित उपस्थिति और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
ग्राम सभा में मुख्य और अंदरूनी रास्तों की मरम्मत, CC सड़क निर्माण तथा जल निकासी की व्यवस्था के साथ नालियों की सफाई, जलभराव रोकने के लिए पक्की नालियों का निर्माण और नियमित स्वच्छता की मांग भी उठाई गई।
ग्राम सभा में ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन योजना को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि योजना का काम कई सालों से बंद पड़ा है। पाइपलाइन और टंकी का कार्य अधूरा है, जिसके कारण पीने के पानी के लिए महिलाओं को दूर जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन को जल्द शुरू करवाकर समय पर पूरा करने की मांग की। साथ ही खराब हैंडपंप और नलकूपों की मरम्मत कर तत्काल पेयजल राहत उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दिलीप मीणा ने कहा कि ग्राम सभा में पारित सभी प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या को प्राथमिकता देते हुए जल जीवन मिशन को शुरू करवाने के लिए विभाग से समन्वय किया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम सभा लोकतंत्र की नींव है और इसी मंच से गांव की आवाज सरकार तक पहुंचती है।