तस्वीर में फतह एकेडमी उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित डिबेट प्रतियोगिता के दौरान बाईं ओर माइक पर बोलती छात्रा और दाईं ओर खड़ी छात्रा दिखाई दे रही हैं, जिसके पीछे महात्मा गांधी की तस्वीर लगी है।   

फतहनगर। महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर फतह एकेडमी उच्च माध्यमिक विद्यालय में ‘क्रूरता से मानवता की ओर’ विषय पर विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें मानवता, अहिंसा, शांति एवं सद्भावना के महत्व पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने दोनों नेताओं के आदर्शों, सादगी, सत्य, अहिंसा एवं राष्ट्रसेवा को स्मरण किया।

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता द प्रोग्रेसिव नेशन के संस्थापक अभिषेक भंडारी ने कहा कि अहिंसा केवल एक विचार नहीं, बल्कि मानवता को मजबूत करने वाली जीवनशैली है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेम, करुणा, सहयोग एवं संवेदनशीलता के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में कलावती चेचानी, दुर्गा जटिया, कैलाश कुंवर झाला, सुर्मिला लोहार, ललिता विजयवर्गीय एवं ममता चौधरी ने भी विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को गांधीजी के अहिंसा एवं शांति के संदेश को जीवन में अपनाने तथा समाज में मानवता एवं सद्भावना का वातावरण बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विद्यार्थियों से लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन एवं राष्ट्रसेवा की भावना को अपने चरित्र में उतारने का आह्वान किया।

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अभिषेक भंडारी का विद्यालय निदेशक डॉ. अजय जैन ने उपरना ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर संगोष्ठी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया तथा उन्हें निरंतर बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की उपप्रधानाचार्य एवं द प्रोग्रेसिव नेशन की सह-संस्थापक पारुल वर्डिया ने किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी एवं शास्त्रीजी के विचारों को केवल स्मरण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार एवं जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

समारोह का समापन मानवता, अहिंसा, शांति एवं सद्भावना के संदेश के साथ हुआ।

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