तस्वीर में केरवाड़ा स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यशाला के दौरान वक्ता और उपस्थित छात्राएं नजर आ रही हैं।

खेरवाड़ा स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में राजस्थान सरकार के ‘नई किरण नशा मुक्त अभियान’ के तहत युवाओं पर बढ़ते नशे के दुष्प्रभाव विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, उसके दुष्प्रभाव और बचाव के उपायों पर विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की प्रभारी डॉ. सीमा डांगी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए नशा मुक्ति की आवश्यकता एवं विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. श्री शेखावत ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के कारणों, इसके दुष्प्रभावों तथा नशे से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।

डॉ. श्री शेखावत ने कहा कि यदि परिवार का कोई बच्चा नशे का शिकार हो जाए तो उसे सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से छिपाने के बजाय उचित इलाज एवं परामर्श दिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

एनएसएस प्रभारी डॉ. सुमन राठौर ने कहा कि नशा केवल एक पीढ़ी को ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर डॉ. दिव्या सोलंकी, सीमा शर्मा एवं अभिषेक सहित अन्य उपस्थित रहे। कार्यशाला में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाव और नशा मुक्ति के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।

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