खेरवाड़ा। पंचायत चुनाव को लेकर खेरवाड़ा ग्राम पंचायत में इस बार सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनावी चर्चा केवल सरपंच पद तक सीमित नहीं है, बल्कि वार्ड पंचों की सीटों पर भी दावेदारों की सक्रियता ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। कहीं दो तो कहीं पांच संभावित प्रत्याशियों के मैदान में उतरने की तैयारी से वार्डों में नए राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं।

सरपंच पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण निवर्तमान सरपंच लक्ष्मी देवी अहारी और दिनेश कुमार मीणा के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, अभी तक सरपंच पद के चुनाव की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।

खेरवाड़ा ग्राम पंचायत में पुनर्गठन के बाद वार्डों की संख्या 15 से बढ़कर 17 हो गई है। वार्डों की संख्या में हुए इस बदलाव ने चुनावी गणित को भी प्रभावित किया है। कई वार्डों में दो से पांच तक संभावित दावेदार चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में सरपंच पद के साथ वार्ड पंचों की सीटों पर होने वाली जीत-हार भी पंचायत के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में वार्ड स्तर पर जोड़-तोड़ की चर्चाएं भी तेज हैं। बताया जा रहा है कि कुछ संभावित उप सरपंच प्रत्याशी अपनी जीत की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए अलग-अलग वार्डों में समर्थकों और वार्ड पंच प्रत्याशियों के साथ तालमेल बैठाने में जुटे हैं। इससे इस बार चुनाव में व्यक्तिगत प्रत्याशियों के साथ पूरे पैनल और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

फिलहाल संभावित दावेदारों की सक्रियता और समर्थकों की लामबंदी से खेरवाड़ा में चुनावी माहौल गर्म है। 4 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों की स्थिति और चुनावी मुकाबले की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।

वहीं, अब सभी की निगाहें 5 नवंबर को होने वाले मतदान और देर रात घोषित होने वाले परिणामों पर टिकी हैं। 17 वार्डों में बन रहे नए समीकरणों के बीच पंचायत चुनाव का मुकाबला किस करवट बैठेगा, इसका फैसला मतदान के बाद होगा।

Tags: