पर्युषण पर्व में कानोड़ के ऋषभदेव जैन मंदिर में भव्य अंगरचना, स्नात्र पूजा और आरती का आयोजन
कानोड़ के श्री ऋषभदेव जैन मंदिर में पर्युषण पर्व के तहत रजत अंगरचना, स्नात्र पूजा, महाआरती और भजन संध्या जारी है। 14 सितंबर तक स्नात्र पूजा और 15 सितंबर को नवपद पूजा का आयोजन होगा।
तस्वीर में कानोड़ के श्री ऋषभदेव जैन मंदिर के भीतर पर्युषण पर्व के अवसर पर स्नात्र पूजा और धार्मिक अनुष्ठान करते हुए श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।
कानोड़। नगर के मध्य गांधी चौक स्थित श्री ऋषभदेव जैन मंदिर में पर्वाधिराज पर्युषण पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के तहत प्रभू प्रतिमा की भव्य रजत अंगरचना के साथ स्नात्र पूजा और मंगल दीप आरती के आयोजन किए जा रहे हैं। नगर के तीनों जैन स्थानकों में विराजित साध्वियों के सानिध्य में सामायिक, प्रतिक्रमण, एकासना, उपवास और आयंबिल आदि तपस्याएं भी निरंतर चल रही हैं। रात्रि में नवकार महामंत्र जाप किया जा रहा है। नगर के युवकों द्वारा तेला और पंचोला तप की आराधना की जा रही है।
व्यवस्था समिति के अध्यक्ष भरत जारोली ने बताया कि बुधवार से आयोजित स्नात्र पूजा के लाभार्थी जयंती लाल डूंगरवाल एवं परिवार आगामी 14 सितंबर तक स्नात्री बनकर पूजा संपन्न करेंगे। इन्द्र मल महात्मा व उदय सिंह मेहता ने पूजा पढ़ाते हुए सभी विधियां पूर्ण करवाईं। स्नात्र पूजा के दौरान गणेश लाल महात्मा, कारू लाल महात्मा, इन्द्र मल महात्मा और उदय सिंह मेहता ने भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
स्नात्र पूजा में जल, चंदन, पुष्प, धूप, दीप, अक्षत, नैवेद्य और फल से पूजा कर अर्ध्य जल दिया गया। प्रभू प्रतिमा के नव अंगों की केसर से पूजा की गई। सिद्ध चक्र के सम्यक, ज्ञान, दर्शन और चारित्र की भी केसर पूजा कर पुष्प अर्पित किए गए। भगवान आदिनाथ, शांतिनाथ, नेमिनाथ, पार्श्वनाथ और वीर प्रभू को कुसुमांजलि अर्पित की गई।
पुजारी अम्बा लाल द्वारा प्रभू प्रतिमा और नाकोड़ा भैरव देव की प्रतिमा की भव्य अंगरचना की गई। पूजा के बाद दीप आरती की गई। मंदिर में मंगलवार से प्रतिदिन शाम 8.15 बजे भव्य आरती का आयोजन किया जा रहा है।
अध्यक्ष भरत जारोली के अनुसार सभी आयोजन व्यवस्था समिति के सानिध्य में किए जा रहे हैं। शाम की महाआरती 8.15 बजे से शुरू होकर प्रभू इच्छा तक जारी रहती है। मंदिर प्रांगण में महिलाओं द्वारा प्रतिदिन शाम को भजन संध्या का आयोजन भी किया जा रहा है।
15 सितंबर को उदय सिंह मेहता एवं परिवार की ओर से नवपद पूजा का आयोजन किया जाएगा। यह पूजा प्रातः 10.30 बजे से शुरू होकर प्रभू इच्छा तक जारी रहेगी। आगंतुक प्रभू भक्तों का मंदिर मंडल की ओर से भरत जारोली ने स्वागत-अभिनंदन किया और आभार व्यक्त किया।