फतहनगर-सनवाड़ पालिका चुनाव में एक वोट का असर, भाजपा 13 तो कांग्रेस 12 सीटों पर
फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका चुनाव में वार्ड 1 का महज एक वोट का अंतर निर्णायक रहा। नरेश जाट की एक वोट से हार के साथ भाजपा को 13 और कांग्रेस को 12 सीटें मिलीं, जबकि राजेश चपलोत की वापसी भी चर्चा में रही।
फतहनगर। फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका चुनाव में वार्ड संख्या 1 का महज एक वोट का अंतर पूरे चुनावी गणित पर असर डाल गया। कांग्रेस प्रत्याशी नरेश जाट को सिर्फ एक वोट से हार का सामना करना पड़ा। इस करीबी मुकाबले के चलते 25 वार्डों वाली पालिका में भाजपा 13 सीटों के साथ आगे रही, जबकि कांग्रेस को 12 सीटें मिलीं।
यदि वार्ड 1 में नरेश जाट एक वोट से जीत दर्ज कर लेते तो भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास 12-12 सीटें होतीं। ऐसे में पालिका बोर्ड के गठन को लेकर राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते थे। वर्तमान परिणाम में भाजपा के 13 पार्षद होने से बोर्ड गठन की स्थिति बनी है, जबकि कांग्रेस के सामने विपक्ष में रहकर अपनी भूमिका निभाने की चुनौती है।
वार्ड 1 का परिणाम चुनावी चर्चा का विषय बना हुआ है। चुनाव में एक वोट का अंतर सामान्य तौर पर मामूली लग सकता है, लेकिन इस मुकाबले में यही अंतर जीत और हार के बीच निर्णायक साबित हुआ। नरेश जाट की एक वोट से हार का असर वार्ड तक सीमित नहीं रहा और इसका प्रभाव पालिका बोर्ड के संभावित समीकरणों पर भी पड़ा।
कांग्रेस के लिए यह परिणाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि महज एक वोट की कमी से वह भाजपा के बराबर आने का अवसर गंवा बैठी। 25 वार्डों के परिणाम में भाजपा को 13 और कांग्रेस को 12 सीटें मिलीं। इस तरह वार्ड 1 का एक वोट दोनों प्रमुख दलों के बीच सीटों के अंतर का हिस्सा बन गया।
फतहनगर के चुनावी इतिहास में एक वोट से हार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले हुए पालिका चुनाव में भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश चपलोत को भी महज एक वोट के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। उस समय एक वोट की हार उनके लिए राजनीतिक झटका बनी थी।
हालांकि इस बार के चुनाव में राजेश चपलोत ने वापसी करते हुए अच्छे अंतर से जीत दर्ज की। उनकी यह जीत पिछले चुनाव में एक वोट से मिली हार के बाद वापसी के तौर पर देखी जा रही है। एक ओर वर्तमान चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नरेश जाट की एक वोट से हार चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर राजेश चपलोत की पिछली एक वोट की हार के बाद हुई जीत भी चुनावी परिणामों का अहम हिस्सा बनी हुई है।
फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर दिखाया कि चुनाव में प्रत्येक वोट परिणाम को प्रभावित कर सकता है। वार्ड 1 में एक वोट का अंतर भाजपा और कांग्रेस के बीच 13-12 का सीट अंतर तय करने में महत्वपूर्ण रहा। यही एक वोट कांग्रेस के लिए हार का अंतर और चुनावी समीकरणों में बदलाव का कारण बन गया।