सवाई माधोपुर: शिक्षक दिवस पर शिक्षकों ने 'एक शिक्षक–पाँच पौधे' का लिया संकल्प
'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत शिक्षकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और पौधों की नियमित देखरेख की जिम्मेदारी ली।
सवाई माधोपुर में स्कूल परिसर के पास पौधा लगाते हुए शिक्षक।
सवाई माधोपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर राजस्थान सरकार के ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान को जनांदोलन बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से सवाई माधोपुर जिले में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा राजेश यादव के आह्वान और संघ के प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान के प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता राहुल सिंह गुर्जर के नेतृत्व में शिक्षकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राहुल सिंह गुर्जर ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि संघ की प्रदेश कार्यकारिणी ने शिक्षक दिवस पर “एक शिक्षक–पाँच पौधे” का संकल्प लिया है। इसके तहत प्रत्येक शिक्षक अपने विद्यालय परिसर, आवास अथवा सार्वजनिक स्थान पर कम से कम पाँच पौधे लगाएगा। साथ ही पौधों के वृक्ष बनने तक उनकी नियमित देखभाल, सुरक्षा, सिंचाई एवं संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएगा।
जिलाध्यक्ष ने शिक्षकों से पूर्व वर्षों में लगाए गए पौधों की भी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों को भी वृक्षारोपण अभियान से जोड़ने की अपील की।
राहुल सिंह गुर्जर ने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें जीवित रखकर वृक्ष बनाना ही वास्तविक दायित्व है। शिक्षक दिवस पर शुरू किया गया यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ विद्यार्थियों एवं समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षक साथियों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने और ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस तरह शिक्षक दिवस पर लिया गया ‘एक शिक्षक, पाँच वृक्ष’ का संकल्प पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी पर भी केंद्रित रहा।