तस्वीर में 25 हजार रुपये का इनामी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर सद्दाम उर्फ बिहारी नजर आ रहा है।

सवाई माधोपुर जिले में निकाय चुनावों के मद्देनजर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कुंडेरा थाना पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर सद्दाम उर्फ बिहारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई दौसा जिले के लालसोट इलाके में दबिश देकर की। सद्दाम बिहारी फायरिंग कर हत्या के प्रयास और फर्जी पासपोर्ट बनाने के मामले में फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर श्री राकेश कुमार राजोरा और वृत्ताधिकारी शहर सवाई माधोपुर श्री राजेन्द्र मीणा के निकटतम सुपरविजन में कुंडेरा थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक दिलीप कुमार वर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार सद्दाम उर्फ बिहारी पुत्र माहिर अली, निवासी दोबड़ा, हाल रेलवे कॉलोनी सवाई माधोपुर, कुंडेरा थाना क्षेत्र में 1 मई 2026 को आशाराम मीणा निवासी जगन्या का टापरा, खावा थाना कुंडेरा के घर पर नरेश मीणा और उसके दो साथियों द्वारा आपसी रंजिश को लेकर जान से मारने की नीयत से की गई फायरिंग के मामले में फरार था। इस मामले में नरेश मीणा और राजेश मीणा निवासी छारोदा, थाना कुंडेरा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। फायरिंग में इस्तेमाल हथियार और मोटरसाइकिल भी जब्त किए जा चुके हैं, जबकि हथियार उपलब्ध कराने वाला सद्दाम बिहारी फरार चल रहा था।

इसके अलावा सद्दाम बिहारी थाना बौंली में फर्जी पासपोर्ट बनाने के मामले में भी फरार था। 14-03-2026 को विशेष सूचना के आधार पर राजेन्द्र मीणा निवासी चैनपुरा, थाना मलारना डूंगर को पकड़ा गया था। राजेन्द्र मीणा के पास मिले दस्तावेजों की जांच से पता चला कि महेन्द्र मीणा निवासी पिपलवाड़ा और सद्दाम बिहारी द्वारा विभिन्न विभागों से सांठगांठ कर फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनाए जा रहे थे। थाना बौंली के प्रकरण संख्या 78/2026 में बीएनएस 2023 की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) तथा पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 12 के तहत मामला दर्ज है। इस मामले में भी सद्दाम बिहारी फरार चल रहा था। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से फर्जी पासपोर्ट बनाने के इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। इसके अलावा सद्दाम बिहारी के खिलाफ विभिन्न न्यायालयों से गिरफ्तारी और स्थायी वारंट भी जारी हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 2 फरवरी 2023 को सद्दाम बिहारी पुत्र सगीर, निवासी रेलवे कॉलोनी, जामा मस्जिद के पास नमाज पढ़कर पास की दुकान पर बातचीत कर रहे सलमान के पास अपने गैंग के चार-पांच साथियों के साथ पहुंचा था। आरोप है कि उसने मारपीट की और कनपटी पर पिस्टल लगाकर जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में थाना कोतवाली पर प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बाद 3 अगस्त 2022 को सद्दाम बिहारी तीन गाड़ियों में सवार होकर आया और मलारना डूंगर निवासी अकरम पुत्र अब्दुल लतीफ को पिस्टल दिखाकर जवाहर नगर प्लाट पर चल रहे काम को बंद करवा दिया तथा काम चलाने के एवज में 5 लाख रुपये मांगे। इस संबंध में थाना मानटाउन में मामला दर्ज किया गया था और पांच बदमाशों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपी सद्दाम बिहारी की पुलिस तलाश कर रही थी।

6 अगस्त 2022 को थाना कोतवाली पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान कार में सवार छह बदमाशों को दो पिस्टल, एक अवैध देशी कट्टा और 11 कारतूस के साथ पकड़ा था। पुलिस के अनुसार इन बदमाशों को हथियार सद्दाम बिहारी ने बेचे थे और इस मामले में भी वह फरार चल रहा था। पुलिस रिकॉर्ड में सद्दाम बिहारी के खिलाफ हत्या के प्रयास, फायरिंग, आगजनी, अपहरण, गंभीर मारपीट तथा अवैध फायर आर्म्स बेचने और खरीदने समेत विभिन्न थानों में कुल 26 प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस मुख्यालय ने उसे चिह्नित हार्डकोर अपराधी बताया है। फरार चल रहे सद्दाम बिहारी की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

सद्दाम बिहारी की तलाश में पुलिस ने सभी संभावित ठिकानों पर उसके संबंध में जानकारी जुटानी शुरू की। अपराधी के नेपाल और हिमाचल प्रदेश में होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने उसके मूवमेंट पर तकनीकी संसाधनों और मानवीय सूचना के आधार पर निगरानी शुरू की। टीम के सदस्य उप निरीक्षक अजीत मेघवाल को सटीक और पुख्ता जानकारी मिली कि सद्दाम बिहारी ने अपने रिश्तेदार को लालसोट, दौसा मिलने के लिए बुलाया है। थाना प्रभारी दिलीप कुमार वर्मा ने अपनी टीम के साथ सद्दाम बिहारी के रिश्तेदार का गुप्त रूप से पीछा किया। निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बाद पुलिस की विशेष टीम ने विशेष कार्ययोजना बनाकर सद्दाम बिहारी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार राजोरा और वृत्ताधिकारी श्री राजेन्द्र मीणा के सुपरविजन में पुलिस टीम की भूमिका उल्लेखनीय रही। टीम में थाना कुंडेरा के थानाधिकारी पुलिस निरीक्षक श्री दिलीप कुमार वर्मा, उप निरीक्षक श्री अजीत मेघवाल, थाना कुंडेरा के हेड कांस्टेबल श्री रामेश्वर 44, थाना मानटाउन के हेड कांस्टेबल श्री बुद्धिप्रकाश 1291, थाना कुंडेरा के कांस्टेबल श्री सुरेश स्वामी 1449, कांस्टेबल श्री लखपत 1184 और सहायक उप निरीक्षक अनुसंधान अधिकारी श्री रूप सिंह शामिल रहे।

25 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी से पुलिस के सामने उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों, फर्जी पासपोर्ट प्रकरण और हथियारों से जुड़े मामलों की जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है। सद्दाम बिहारी की गिरफ्तारी लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता के रूप में सामने आई है।

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