उर्वरक बुकिंग की नई व्यवस्था आज से, FFS एप से घर बैठे बुक करें यूरिया-डीएपी
सवाई माधोपुर में 27 अगस्त से उर्वरक बुकिंग की नई व्यवस्था शुरू होगी। किसान FFS एप से यूरिया-डीएपी बुक कर सकेंगे। Booking ID, QR Code, विक्रेता, मात्रा और कीमत की जानकारी एप पर मिलेगी।
सवाई माधोपुर जिले में किसानों को यूरिया एवं डीएपी उर्वरक की सुगम, पारदर्शी और आवश्यकता के अनुरूप उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ व्यवस्था 27 अगस्त को प्रातः 6:30 बजे से शुरू होगी। नई व्यवस्था के तहत किसान अपनी फसल और भूमि की आवश्यकता के अनुसार ऑनलाइन उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे, जिससे उर्वरक के लिए बार-बार केंद्रों पर जाने और लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता कम होगी।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) सवाई माधोपुर लखपत लाल मीणा ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरकों के वितरण को सुव्यवस्थित करना, अनावश्यक खरीद एवं जमाखोरी पर नियंत्रण रखना तथा पात्र किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना है। किसान को ऑनलाइन बुकिंग के बाद निर्धारित विक्रेता के यहां जाकर उर्वरक प्राप्त करना होगा।
कृषि विभाग के अनुसार एक हेक्टेयर भूमि के लिए पूरे फसल मौसम में अधिकतम 5 बैग यूरिया एवं 3 बैग डीएपी की खरीद/बुकिंग सीमा निर्धारित की गई है। किसानों से कहा गया है कि वे अपनी वास्तविक आवश्यकता एवं कृषि विभाग की अनुशंसा के अनुसार ही उर्वरक की बुकिंग करें।
FFS यानी Framework for Fertilizer Sale एप के माध्यम से बुकिंग के लिए किसान को सबसे पहले एप डाउनलोड कर उसमें जिला, तहसील एवं गांव का चयन करना होगा। इसके बाद आधार नंबर अथवा Farmer ID दर्ज कर पहचान सत्यापित करनी होगी। आधार के माध्यम से OTP द्वारा सत्यापन होगा, जबकि Farmer ID की जानकारी स्वतः सत्यापित होगी।
पहचान सत्यापन के बाद किसान को उर्वरक का प्रकार एवं मात्रा चुननी होगी। एप में किसान की भूमि संबंधी जानकारी के आधार पर उपलब्ध विकल्प प्रदर्शित होंगे। बुकिंग सबमिट करते ही Booking ID एवं QR Code जनरेट होगा। इसके साथ आसपास के उपलब्ध उर्वरक विक्रेताओं की जानकारी भी एप पर मिल सकेगी।
बुकिंग के बाद किसान को Booking ID लेकर चयनित विक्रेता के पास जाना होगा। विक्रेता POS मशीन के माध्यम से किसान का सत्यापन कर बिल जारी करेगा और निर्धारित उर्वरक उपलब्ध कराएगा।
नई व्यवस्था के तहत किसान आसपास के सरकारी एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं, उपलब्ध उर्वरक, उसकी मात्रा एवं कीमत की जानकारी एप के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। भूमि एवं आवश्यकता के आधार पर उर्वरक वितरण का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से दर्ज रहेगा।
संयुक्त निदेशक कृषि ने बताया कि जिले में उर्वरक की उपलब्धता, बुकिंग एवं वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों एवं उर्वरक विक्रेताओं को किसानों को निर्धारित सीमा के अनुसार पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने तथा उर्वरक का संतुलित और अनुशंसित मात्रा में ही उपयोग करने की अपील की गई है। 27 अगस्त से शुरू होने वाली यह व्यवस्था जिले में उर्वरक बुकिंग और वितरण को डिजिटल तरीके से दर्ज करने के साथ किसानों को उपलब्धता, मात्रा और कीमत की जानकारी पारदर्शी रूप से उपलब्ध कराएगी।