सवाई माधोपुर, 30 सितम्बर। किसानों को डीएपी उर्वरक निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचने तथा उर्वरक के साथ जिंक को अनिवार्य रूप से संलग्न कर विक्रय करने की शिकायत पर कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। मैसर्स मोरन ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड, मोरन, बौंली का खुदरा उर्वरक अनुज्ञापत्र तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।

अनुज्ञापन प्राधिकारी (उर्वरक) एवं संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीना ने बताया कि मैसर्स मोरन ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड, मोरन, बौंली द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक 1600 रुपये प्रति बैग की दर से विक्रय किए जाने तथा डीएपी के साथ जिंक को अनिवार्य रूप से लेने के लिए बाध्य किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी।

अनुज्ञापन प्राधिकारी ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा 26 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारा 31 के तहत संबंधित फर्म का खुदरा उर्वरक अनुज्ञापत्र तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित फर्म को किसी भी प्रकार के उर्वरक का क्रय अथवा विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही फर्म को 7 दिवस के भीतर अनुज्ञापन प्राधिकारी के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करने तथा स्टॉक रजिस्टर, क्रय-विक्रय बिल सहित समस्त आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्धारित समयावधि में फर्म द्वारा अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किए जाने अथवा प्रस्तुत जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने की स्थिति में उर्वरक अनुज्ञापत्र निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित फर्म पूर्णतः उत्तरदायी होगी। कृषि विभाग की इस कार्रवाई के बाद डीएपी के निर्धारित मूल्य पर विक्रय और उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद लेने के लिए किसानों को बाध्य किए जाने से जुड़ी शिकायत पर प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ गई है।

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