सवाई माधोपुर: बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने किया जिला कारागृह का निरीक्षण
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत बंदियों के साथ भेदभाव न होने, स्वच्छता, चिकित्सा और विधिक सहायता का जायजा लिया गया।
तस्वीर में सवाई माधोपुर जिला कारागृह के बाहर अधिकारी और पुलिसकर्मी खड़े हैं।
सवाई माधोपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार बुधवार, 30 सितम्बर 2026 को श्री असीम कुलश्रेष्ठ, कार्यवाहक अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं कार्यवाहक जिला एवं सेशन न्यायाधीश, सवाई माधोपुर की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जिला कारागृह सवाई माधोपुर का त्रैमासिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन संख्या 1404/2023, सुकन्या सांथा बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया एवं अन्य में दिए गए निर्देशों की पालना में किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला कारागृह में कुल 86 बंदी उपस्थित पाए गए। श्री असीम कुलश्रेष्ठ के साथ बोर्ड ऑफ विजिटर्स के अन्य सदस्यों समीक्षा गौतम, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अनिल जैमिनी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, गोविन्द सहाय मीना, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग, रविन्द्र कुमार मीना, उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, दिनेश गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक तथा लखपत लाल मीना, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार ने बंदियों से वार्ता की।
बोर्ड ने बंदियों से जाति या धार्मिक आधार पर रसोईघर अथवा भोजन पकाने के प्रबंधन, जाति या धार्मिक आधार पर दिए जाने वाले विशेष उपचार, बंदियों के समूह के वर्गीकरण, जेल के अंदर पंजीकृत विचाराधीन या दोषी बंदियों से संबंधित रजिस्टर में जाति के कॉलम तथा जाति, लिंग और विकलांगता के आधार पर बंदियों के साथ भेदभाव से जुड़े विषयों पर पूछताछ की। इस दौरान बंदियों की समस्याएं भी सुनी गईं। निरीक्षण में जिला कारागृह में लिंग, जाति या धार्मिक आधार पर बंदियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना पाया गया।
बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने मौके पर उपस्थित जिला कारागृह के उपाधीक्षक बिहारीलाल और जेलर आरिफ मोहम्मद से कारागृह की साफ-सफाई, बंदियों के पीने योग्य पानी की व्यवस्था, उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं, नए प्रवेश करने वाले बंदियों के नाम एवं पते, उनके मुकदमों, संबंधित थाना और न्यायालय सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में पूछताछ की।
निरीक्षण के दौरान कारागृह में दुर्गन्ध आने पर बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जिला कारागृह के उपाधीक्षक बिहारी लाल और जेलर मोहम्मद आरिफ को नियमित रूप से साफ-सफाई करवाने के निर्देश दिए। मौके पर उपस्थित डॉ. मनोज गर्ग और नर्सिंग स्टाफ अशोक मीना को भी निर्देशित किया गया कि कारागृह में प्रवेश के समय यदि किसी बंदी को मेडिको लीगल रिपोर्ट (एम.एल.सी.) या अन्य चिकित्सकीय परीक्षण के लिए लाया जाता है तो मेडिको लीगल रिपोर्ट (एम.एल.सी.) में बंदी का शारीरिक/भौतिक परीक्षण कर उसके शरीर पर उपलब्ध जाहिर चोटों का सम्पूर्ण विवरण संबंधित रिपोर्ट में दर्ज किया जाए।
निरीक्षण के दौरान प्रिजन लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से बंदियों को प्राप्त विधिक सहायता, जेल विजिटिंग लॉयर और जेल विजिटिंग अधिकार मित्र द्वारा की गई कार्यवाही तथा नालसा स्पु्रहा योजना 2025 के तहत बंदियों के परिजनों से संवाद के संबंध में भी पूछताछ की गई।
दौराने निरीक्षण चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल राधेश्याम जोगी, अधिकार मित्र धनराज मीना एवं कारागृह स्टाफकर्मी आदि उपस्थित रहे। त्रैमासिक निरीक्षण के दौरान बंदियों के साथ भेदभाव से जुड़े पहलुओं के साथ स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, अभिलेखों और विधिक सहायता व्यवस्था की भी जांच की गई।