तस्वीर में हिण्डौन सिटी के मोहन नगर स्थित नवीन उपाश्रय में आयोजित पर्युषण महापर्व के दौरान भगवान महावीर जन्मोत्सव समारोह में बैठे श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।

श्री जैन श्वेतांबर पल्लीवाल मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट, नई मण्डी, हिण्डौन सिटी की ओर से पर्युषण महापर्व के पांचवें दिवस मोहन नगर स्थित नवीन उपाश्रय में भगवान महावीर के जन्म वाचन समारोह का आयोजन किया गया। चौदह मंगलकारी स्वप्नों के वाचन और भगवान महावीर के जन्म प्रसंग के साथ पूरा उपाश्रय मंगल जयघोष से गूंज उठा। आयोजन में अष्ट मंगल एवं चौदह स्वप्नों की बोलियां भी लगाई गईं।

भगवान महावीर के जन्म वाचन पर बोली का लाभ लेकर सतीश चंद जैन साहिड़ा मुनीम बने। गुजरात से पधारे आराधक निसर्ग एवं एनिल भाई ने भगवान महावीर के जन्म से पूर्व माता त्रिशला द्वारा देखे गए चौदह मंगलकारी स्वप्नों का भावपूर्ण वाचन किया। एक-एक स्वप्न के वर्णन के साथ श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ता गया। संगीतकार जिनय भाई ने अपने स्वर और संगीत से आयोजन को भक्तिमय वातावरण प्रदान किया।

भगवान महावीर के जन्म प्रसंग का वाचन होते ही उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने हर्ष और श्रद्धा के साथ मंगल जयघोष किया। इस दौरान वाधावणा स्वरूप गोले फोड़े गए। अष्ट मंगल एवं चौदह स्वप्नों की बोलियों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

भगवान महावीर के जन्म के बाद उन्हें पालने में झुलाने की परंपरा के तहत पालना झुलाने का नकरा 35,000 रुपए में निर्मल जैन विकास जैन आकाश जैन, नयागांव वालों ने लिया। पालना झुलाने की रस्म श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई। भगवान महावीर के बाल स्वरूप के दर्शन और पालना झुलाने के दौरान उपाश्रय का वातावरण भक्तिभाव से भर गया।

आयोजन में कुमारपाल महाराजा बनकर आरती करने का लाभ भी 82,001 रुपए में निर्मल जैन विकास जैन आकाश जैन, नयागांव वालों ने लिया। यह महाआरती रविवार को शोभायात्रा के पश्चात सांयकाल मोहन नगर जिनालय में होगी।

पालना झुलाने का नकरा लेने के उपलक्ष्य में निर्मल जैन विकास जैन के निवास पर संध्या भक्ति का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर की भक्ति में भजन एवं स्तवन प्रस्तुत किए और भगवान के जन्मोत्सव की आध्यात्मिक खुशी साझा की।

पर्युषण महापर्व के इस आयोजन में श्रद्धालुओं को भगवान महावीर के जीवन तथा उनके अहिंसा, संयम, त्याग और आत्मकल्याण के संदेश से जुड़ने का अवसर मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने तथा पर्युषण पर्व को आत्मशुद्धि, संयम और धर्माराधना के साथ मनाने का संकल्प लिया।

पर्युषण महापर्व का पांचवां दिवस हिण्डौन सिटी में भगवान महावीर के जन्म की मंगल बेला, श्रद्धा और भक्ति के वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर हिण्डौन शहर के अनेकों भाई-बहन उपस्थित रहे।

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