श्यारौली भैरव धाम में 17 सितंबर को लगेगा विशाल लक्खी मेला, उमड़ेगा भक्तों का सैलाब
श्यारौली भैरव धाम में 17 सितंबर को श्री भैरव षष्ठी का विशाल लक्खी मेला लगेगा, जहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचकर बाबा के दरबार में हाजिरी लगाएंगे।
तस्वीर में दिख रहा है श्री भैरवधाम श्यारौली का मंदिर और मेले में उमड़ी भीड़।
श्री भैरवधाम श्यारौली में श्री भैरव षष्ठी के पावन अवसर पर बाबा का विशाल लक्खी मेला 17 सितंबर गुरुवार 2026 को बड़े धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर बाबा के दरबार में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
श्री भैरव षष्ठी के पावन पर्व पर हर बार की भांति इस बार भी बाबा के दरबार में विशाल छप्पन भोग एवं फूल बंगला झांकी का महा आयोजन सभी भक्तों की ओर से सामूहिक रूप से किया जाएगा। उदय सिंह गुर्जर जिला उपाध्यक्ष, रामचरण कटारिया ठेकेदार, समाजसेवी बलराम सिंह धनवाल और राहुल पुरोहित ने बताया कि श्री भैरव षष्ठी के दिन बाबा के दरबार को विभिन्न सुंदर फूलों और रोशनियों से विशेष रूप से सजाया जाएगा।
श्री भैरव षष्ठी के दिन आयोजित होने वाले विशाल लक्खी मेले में देशभर के विभिन्न प्रांतों, जिनमें समूचा राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और पंजाब शामिल हैं, से सैकड़ों यात्री बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं। राजस्थान के विभिन्न स्थानों जैसे हिंडौन, करौली, गंगापुर, सपोटरा, उच्चैन, कैमरी, भरतपुर, बयाना, राजगढ़ अलवर, जयपुर, आगरा, महू इब्राहिमपुर, खीप का पुरा, लपावली, खंडीप, चांदन गांव, रेन्डायल, बाढ़ (वजीरपुर), रूपवास आदि स्थानों से बाबा के दरबार में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर आएंगे। श्रद्धालु श्री भैरवनाथ जी महाराज एवं छौंकरा वाले के दरबार में हाजिरी लगाकर अपनी मनोकामना पूरी करने की अर्जी करेंगे।
मेले के दौरान बाबा के दरबार में विशाल भजन संध्या का आयोजन होगा। भजन संध्या के पश्चात बाबा का महाभोग लगाया जाएगा। इसके बाद देर रात्रि बाबा की सवारी आएगी और सभी भक्तों को बाबा का आशीर्वाद दिया जाएगा।
मन्दिर ट्रस्ट श्री भैरवधाम श्यारौली के अध्यक्ष परम पूज्य गुरुदेव महंत श्री हेमराज महाराज के पावन सानिध्य में श्री भैरव षष्ठी के दिन भक्तों की सभी सुविधाओं का विशेष ख्याल रखने की व्यवस्थाएं की जाएगी। इनमें नि:शुल्क पार्किंग, दर्शन व्यवस्था, उत्तम भोजन प्रसादी, उत्तम साफ-सफाई और पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं।
बाबा के दरबार की महिमा अजब निराली है। बाबा के दरबार में जो भी भक्त आया, वह कभी खाली नहीं गया।