132 करोड़ के खारी फीडर काम पर सवाल, घटिया निर्माण के आरोपों से मचा हड़कंप
राजसमंद के 132 करोड़ के खारी फीडर काम पर वायरल वीडियो से गुणवत्ता के सवाल उठे। शिकायत पर विभाग ने जांच में काम सही बताया।
तस्वीर में दिख रहा है राजसमंद में खारी फीडर के निर्माण कार्य और गुणवत्ता की जांच से जुड़ा दृश्य।
राजसमंद झील में पानी की आवक बढ़ाने और जल संकट से राहत दिलाने के उद्देश्य से करीब 132 करोड़ रुपये की लागत से खारी फीडर के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसी बीच निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में निर्माण के दौरान गिट्टी के साथ बड़े-बड़े पत्थर डाले जाने और सरिया से जुड़े निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
वीडियो सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को लेकर राजसमंद के पूर्व सभापति अशोक टांक ने संपर्क पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई है। शिकायत के साथ वायरल वीडियो भी अपलोड किया गया है।
हालांकि, शिकायत के जवाब में विभाग की ओर से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच किए जाने और कार्य को सही पाए जाने की बात कही गई है। विभाग ने शिकायत के जवाब में निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण बताया है।
वहीं, पूरे मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों से सवाल किए जाने पर जिम्मेदारी को लेकर अधिकारियों के बीच एक-दूसरे की ओर इशारा किए जाने की स्थिति सामने आई। इससे 132 करोड़ रुपये की इतनी बड़ी परियोजना में निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी की जिम्मेदारी को लेकर सवाल और गहरा गया है।
ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों से अलग सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, तो इसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष तकनीकी जांच क्यों नहीं कराई जा रही। वहीं, यदि निर्माण कार्य पूरी तरह मानकों के अनुरूप है, तो विभाग को सार्वजनिक रूप से इसकी तकनीकी रिपोर्ट सामने रखकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जनता के पैसे से चल रही 132 करोड़ रुपये की इस बड़ी परियोजना में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल अब जांच और विभागीय जवाबदेही के केंद्र में हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करते हैं या नहीं। सवाल यही है कि 132 करोड़ की परियोजना में गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है?