तस्वीर में राजकीय महाविद्यालय आमेट के प्रांगण में राष्ट्रीय सेवा योजना का बैनर थामे खड़े छात्र-छात्राएं और स्टाफ नजर आ रहे हैं।

राजकीय महाविद्यालय आमेट में प्राचार्य श्री कैलाश चंद्र खटीक के निर्देशन में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों की सहभागिता से दिवेर विजय महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, वीरता, साहस और स्वाभिमान की ऐतिहासिक परंपरा को स्मरण करते हुए राष्ट्रप्रेम की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।

महोत्सव के दौरान छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और दिवेर विजय के ऐतिहासिक महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने महाराणा प्रताप के शौर्य, संघर्ष और स्वाभिमान से जुड़े प्रसंगों को स्मरण करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। इस अवसर पर वीरता, साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य कैलाश चंद्र खटीक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का विवरण नहीं है, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक वीर गाथाएं हमें अपने गौरवशाली अतीत से परिचित कराने के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देती हैं।

प्राचार्य कैलाश चंद्र खटीक ने विद्यार्थियों से महाराणा प्रताप के संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सकारात्मक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। महाविद्यालय के समस्त स्टाफ के सहयोग और छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता से दिवेर विजय महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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