केलवा ब्रिज पर फिर दिखीं दरारें, नीचे गिर रहा मलबा; दोपहिया चालकों पर हादसे का खतरा
केलवा ब्रिज पर फिर दरारें दिखाई दीं और तेज रफ्तार वाहनों से मलबा नीचे गिर रहा है। ग्रामीणों ने सुरक्षा और मरम्मत की मांग उठाई।
तस्वीर में केलवा ब्रिज की जर्जर स्थिति और उसमें पड़ी दरारें दिख रही हैं।
केलवा क्षेत्र में ब्रिज की बदहाल स्थिति और देखरेख के अभाव को लेकर ग्रामीणों में रोष है। केलवा ब्रिज पर एक बार फिर दरारें दिखाई देने से इसकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं दिन के समय ब्रिज से तेज रफ्तार में गुजरने वाले भारी वाहनों से वेस्ट मिट्टी और मलबा नीचे गिर रहा है। इससे ब्रिज के नीचे से गुजरने वाले राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि ब्रिज पर दिखाई दे रही दरारों की समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ब्रिज से लगातार वाहनों की आवाजाही होती है। तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने के दौरान उनके पहियों से वेस्ट मिट्टी और अन्य मलबा नीचे की ओर गिरता है। अचानक ऊपर से मिट्टी या मलबा गिरने से नीचे से गुजर रहे वाहन चालक असंतुलित होकर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।
ग्रामीण शांतिलाल, कमलेश रेगर, ताराचंद, निलेश कुमार, रवि कुमार और नरेश कुमार ने बताया कि ब्रिज की नियमित देखरेख नहीं होने से समस्या बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि नीचे से दोपहिया वाहनों सहित पैदल राहगीरों की आवाजाही रहती है। ऐसे में ऊपर से वेस्ट मिट्टी या मलबा गिरना कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों ने संबंधित टोल कंपनी से ब्रिज का निरीक्षण करवाकर आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ब्रिज की देखरेख की जिम्मेदारी संभालने वाले टोल कंपनी के कर्मचारियों द्वारा इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ब्रिज पर दरारें दिखाई देने के बावजूद उनकी जांच और मरम्मत को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
वहीं ब्रिज से गिरने वाले मलबे को रोकने के लिए भी कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए। ब्रिज की तकनीकी जांच करवाकर दरारों की स्थिति का पता लगाया जाए तथा जहां आवश्यक हो वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए।
साथ ही ब्रिज से वेस्ट मिट्टी और मलबा नीचे नहीं गिरे, इसके लिए भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं टोल कंपनी के अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए ब्रिज का निरीक्षण कराने, दरारों की मरम्मत करने और नीचे से गुजरने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो ब्रिज की स्थिति और खराब होने के साथ बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।