तस्वीर में किशनपुरिया गांव में सांगट की गवरी के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में कलाकार नृत्य और अभिनय की प्रस्तुति देते हुए नजर आ रहे हैं।

आमेट, ग्राम पंचायत घोसुंडी के गांव किशनपुरिया में सांगट की गवरी का भव्य आयोजन हुआ। इसमें 50 से अधिक कलाकारों ने हिस्सा लिया। पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्य यंत्रों के साथ कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।

गवरी के दौरान हटिया-हटनी, राजा-रानी, बानिया, बंजारा, भोलीया और भूत सहित विभिन्न पारंपरिक पात्रों का मंचन किया गया। कलाकारों ने अभिनय और नृत्य के माध्यम से गवरी की पारंपरिक कथाओं और लोक संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

किशनपुरिया सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण गवरी देखने पहुंचे। ढोल-नगाड़ों की थाप और कलाकारों की प्रस्तुतियों से पूरा माहौल लोक संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया।

ग्रामीणों ने कहा कि गवरी मेवाड़ की प्राचीन लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है।

किशनपुरिया में आयोजित सांगट की गवरी ने मेवाड़ की समृद्ध लोक संस्कृति की शानदार झलक पेश की और पारंपरिक लोक कला से ग्रामीणों का जुड़ाव कायम रखा।

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