तस्वीर में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय डेगाना के बाहर विद्यार्थी टेबल-कुर्सियों पर बैठे हैं और कई ग्रामीण उनके पीछे खड़े हैं।

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय डेगाना (आमेट) में दानदाता भामाशाहों एवं ग्रामवासियों के सहयोग से विद्यार्थियों की सुविधा और शिक्षा के सुदृढ़ीकरण की दिशा में सराहनीय पहल की गई। विद्यालय में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं के बैठने के लिए दानदाता भामाशाहों ने लगभग 1.5 लाख (डेढ़ लाख) रुपये की लागत का गुणवत्तापूर्ण फर्नीचर भेंट किया।

विद्यालय में फर्नीचर स्थापित होते ही नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। अब तक फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए टेबल-कुर्सी पर बैठकर अध्ययन करना सुखद और प्रेरणादायी अनुभव साबित हो रहा है।

इस कार्य के प्रेरक एवं विद्यालय के संस्थाप्रधान श्री मनोहर लाल कुमावत ने सभी दानदाता भामाशाहों एवं पधारे हुए ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थाप्रधान ने सभी अतिथियों को पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार 'इकलाई' (दुपट्टा) ओढ़ाकर उनका भावभीना स्वागत एवं बहुमान किया।

संस्थाप्रधान श्री मनोहर लाल कुमावत ने कहा कि भामाशाहों की यह अनुकरणीय पहल सरकारी विद्यालय में शैक्षणिक परिवेश को और अधिक मजबूत बनाएगी।

कार्यक्रम में भैरू सिंह, शैल सिंह, मोहन मेवाड़ा, धूकल सिंह, महेंद्र सिंह, बाबू लाल गर्ग, लालू राम सालवी, तेजा राम सालवी, नरपत सिंह, मथरा लाल गुर्जर, मीठा लाल गुर्जर, घासी राम सुथार, नाथू लाल गुर्जर, रोड़ सिंह, रतन सिंह, किशन लाल गुर्जर, मांगी लाल गुर्जर, पारस गुर्जर, उदय लाल मेवाड़ा, देवी सिंह बल्ला एवं रामेश्वर लाल पालीवाल सहित कई गणमान्य नागरिक व ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक सुरेन्द्र, संदीप कुमार, पवन कुमार, कुलदीप खटीक, अंजुरानी, भगवान लाल खटीक एवं शंकर लाल की सराहनीय सहभागिता रही। भामाशाहों द्वारा उपलब्ध कराए गए फर्नीचर से विद्यालय के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधा मिली है।

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