भीम विधायक हरिसिंह रावत ने छापली, खीमाखेड़ा और पीपली वन भूमि अधिग्रहण पर उठाए सवाल
भीम विधायक हरिसिंह रावत ने छापली, खीमाखेड़ा और पीपली में प्रस्तावित वन भूमि अधिग्रहण का विरोध कर पुनर्विचार की मांग की।
तस्वीर में बाईं ओर बैठे जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा और दाईं ओर बैठे भीम विधायक श्री हरिसिंह रावत राजसमंद कलेक्ट्रेट कार्यालय में बातचीत करते हुए।
राजसमंद में भीम विधायक श्री हरिसिंह रावत ने जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा से मुलाकात कर छापली, खीमाखेड़ा एवं पीपली ग्राम पंचायतों में प्रस्तावित वन भूमि अधिग्रहण का विरोध जताया। विधायक ने स्थानीय ग्रामीणों की भावनाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग रखी।
जिला कलक्ट्रेट में हुई मुलाकात के दौरान विधायक श्री रावत ने भीम क्षेत्र की ग्राम पंचायत छापली, खीमाखेड़ा एवं पीपली में प्रस्तावित वन भूमि अधिग्रहण को लेकर जिला कलक्टर से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित न्यूक्लियर परियोजना के लिए लगभग 800 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
विधायक ने जिला कलक्टर को अवगत कराया कि इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामीणों की आजीविका, कृषि एवं अन्य गतिविधियां जुड़ी हुई हैं। ऐसे में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण से स्थानीय निवासियों पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
श्री रावत ने आग्रह किया कि प्रभावित ग्रामीणों के हितों, उनकी आजीविका और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के संबंध में पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी रखी।
इस दौरान जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने विधायक द्वारा प्रस्तुत विषय का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। प्रस्तावित वन भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीण हितों का मुद्दा अब प्रशासनिक स्तर पर विचार के लिए पहुंच गया है।