तस्वीर में बाएं से योगेश तंबोली और दाएं पेमाराम खड़े नजर आ रहे हैं, जिनके पीछे एक ट्रक और जमीन पर कुत्ता बैठा दिखाई दे रहा है।

केलवा से आमेट की ओर लौटते समय तुलसी अमृत विद्यापीठ के प्रधानाचार्य योगेश तंबोली का मोबाइल फोन रास्ते में कहीं गिर गया। काफी देर तक खोजबीन करने के बाद भी मोबाइल का कोई पता नहीं चल सका।

इसी दौरान केलवा निवासी पेमाराम को वह मोबाइल रास्ते में मिला। उन्होंने मोबाइल में उपलब्ध संपर्क नंबर के माध्यम से इसकी सूचना दी और अपनी ईमानदारी व जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मोबाइल के वास्तविक मालिक योगेश तंबोली को सुरक्षित वापस सौंप दिया।

पेमाराम के इस सराहनीय कार्य की सभी ने प्रशंसा की। योगेश तंबोली ने उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे ईमानदार, संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक समाज के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं।

पेमाराम ने पिंटू बागवान के साथ यह मोबाइल आमेट भिजवाया। यह घटना समाज में ईमानदारी, विश्वास, नैतिक मूल्यों और पारस्परिक सहयोग की भावना को मजबूत करने वाली एक अनुकरणीय मिसाल बनी है।

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