तस्वीर में पुणे आरटीए की बैठक के संदर्भ में रैपिडो बाइक टैक्सी सेवा और प्रशासनिक अधिकारी दिखाई दे रहे हैं।

पुणे: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर जितेंद्र डुडी ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में निर्देश दिए कि शासन से विधिवत अनुमति मिलने तक रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवा बंद रखी जाए। शासन की आधिकारिक अनुमति के बिना सेवा संचालित किए जाने को लेकर रिक्शा संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था।

‘ओला’, ‘उबर’ और ‘रैपिडो’ सहित एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ मिली विभिन्न शिकायतों के मद्देनजर गुरुवार को पुणे आरटीए की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला कलेक्टर जितेंद्र डुडी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अर्चना गायकवाड, उप-क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी स्वप्निल भोसले, पिंपरी-चिंचवड़ के उप-क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राहुल जाधव और पिंपरी-चिंचवड़ के यातायात पुलिस उपायुक्त विक्रांत देशमुख मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न रिक्शा-कैब संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संबंधित ऐप कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

बैठक में जिला कलेक्टर जितेंद्र डुडी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवा को शासन से अब तक कोई कानूनी अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में इस सेवा को तत्काल बंद किया जाए। उन्होंने ओला, उबर, रैपिडो और अन्य सभी रिक्शा व कैब चालकों को शासन द्वारा स्वीकृत निर्धारित दरों के अनुसार ही यात्रियों से किराया वसूलने का निर्देश दिया।

प्रशासन ने एग्रीगेटर कंपनियों के लिए किराया वसूली और यात्राओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की समयसीमा भी तय की है। ओला, उबर और रैपिडो कंपनियों को चालू महीने की सभी यात्राओं और किराया दरों का विस्तृत विवरण आगामी 10 नवंबर तक आरटीए के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इस जानकारी के आधार पर यह जांच की जाएगी कि कंपनियां निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन कर रही हैं या नहीं।

जिला कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी मीटर दरों को लागू कराने के संबंध में शहर के सभी पुलिस थानों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि रिक्शा और कैब चालक यात्रियों से शासन द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार ही किराया लें।

दूसरी ओर, महाराष्ट्र रिक्शा पंचायत के अध्यक्ष बाबा कांबळे सहित विभिन्न रिक्शा संगठनों ने बिना अनुमति संचालित रैपिडो सेवाओं का तीखा विरोध किया था। संगठनों ने मांग की कि प्रशासन के आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। यदि आदेश का उल्लंघन होता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएं।

रिक्शा संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक आदेश का सख्ती से पालन नहीं कराया गया, तो वे तीव्र आंदोलन करेंगे। अब पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में रैपिडो बाइक टैक्सी सेवा बंद कराने, सरकारी मीटर दरों को लागू करने और एग्रीगेटर कंपनियों के किराया संबंधी रिकॉर्ड की जांच को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर परिवहन क्षेत्र की नजर रहेगी।

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