पुणे में कम बारिश और घटते जल स्तर के बीच जल संरक्षण और आपूर्ति प्रबंधन के तहत यह कदम उठाया गया है।

पुणे में पानी की कमी की आशंका के बीच लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो सकती है। पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने पानी की उपलब्धता को देखते हुए हर गुरुवार को पूरे शहर में पानी की सप्लाई बंद करने की योजना बनाई है। कम बारिश, पानी की बढ़ती मांग और भविष्य में एल नीनो के संभावित असर को देखते हुए जल संरक्षण की तैयारी की जा रही है। ऐसे में शहर के लोगों को पानी के इस्तेमाल में सावधानी बरतने और घरेलू जरूरतों के लिए पहले से जरूरी इंतजाम करने की आवश्यकता होगी।

पुणे को पानी की सप्लाई करने वाली खड़कवासला डैम चेन में फिलहाल 25.70 TMC पानी स्टोर होने की जानकारी दी गई है। बारिश की मात्रा, पानी की लगातार बढ़ती मांग और आने वाले समय में एल नीनो के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने पानी बचाने की योजना बनाई है। राज्य सरकार ने भी 16 अक्टूबर से पानी की खपत में कम से कम 10 प्रतिशत कटौती करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य उपलब्ध जल भंडार का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करना है, ताकि आने वाले महीनों में पानी की किल्लत से बचा जा सके।

प्रस्तावित कटौती का असर केवल गुरुवार तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। शुक्रवार और शनिवार को भी पानी की सप्लाई में देरी हो सकती है या पानी का प्रेशर कम रह सकता है। इससे शहर के लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए पानी जुटाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पानी की उपलब्धता और सप्लाई के समय को ध्यान में रखकर घरेलू जरूरतों की योजना बनाना महत्वपूर्ण होगा।

नगर निगम ने पानी की खपत कम करने के लिए निर्माण कार्यों में पीने के पानी के इस्तेमाल पर रोक लगाने और कार वॉश सेंटर बंद रखने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही पानी की बर्बादी रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। कम बारिश और एल नीनो की आशंका के बीच जल भंडार का सीमित और सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है। हर गुरुवार पानी की सप्लाई बंद करने की योजना और अन्य प्रतिबंधों का उद्देश्य उपलब्ध पानी को बचाना है, ताकि आने वाले महीनों में शहर को संभावित जल संकट से बचाया जा सके।

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