पुणे के बावधन बुद्रुक क्षेत्र में नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी विभाग द्वारा अनधिकृत आरएमसी प्लांट पर की गई कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद जेसीबी और मशीनें।   

पुणे में अनधिकृत रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बावधन बुद्रुक इलाके में पांच प्लांट ध्वस्त कर दिए। मंगलवार, 13 अक्टूबर को चलाए गए इस अभियान में करीब 35 हजार वर्ग फुट का अनधिकृत निर्माण गिराया गया। इसके साथ ही महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) की मदद से पांचों प्लांट की बिजली आपूर्ति स्थायी रूप से काट दी गई। नगर निगम के निर्माण और अतिक्रमण विरोधी विभाग ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।

पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ शहर और जिले में करीब 300 से सवा 300 आरएमसी प्लांट संचालित हैं। इनमें से 100 से सवा 125 प्लांट पुणे नगर निगम की सीमा में हैं। बताया गया है कि इनमें से किसी भी प्लांट ने निर्माण के लिए पुणे नगर निगम से अनुमति नहीं ली है। आरएमसी प्लांट के संचालन से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने और नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की समस्या भी सामने आई है।

इससे पहले नगर निगम ने करीब चार महीने पहले लोहगांव-खांदवे नगर क्षेत्र में सात आरएमसी प्लांट ध्वस्त किए थे। इसके बाद वडगांव खुर्द में नदी किनारे और आसपास स्थित आरएमसी प्लांट के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई गई थी। हालांकि, निर्माण विभाग के अधिकारियों और प्लांट मालिकों के बीच कथित मिलीभगत के चलते अंतिम समय में यह कार्रवाई रद्द कर दी गई थी।

कार्रवाई रद्द होने के विरोध में स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जताई और आंदोलन की चेतावनी दी। इसके बाद जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने आरएमसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आरएमसी प्लांट के संचालन और उनके वाहनों की आवाजाही को लेकर नियमावली यानी नीति तैयार करने की घोषणा की गई।

इसी क्रम में जिला प्रशासन ने मई महीने में आरएमसी से संबंधित नीति तैयार कर पुणे नगर निगम, पुलिस प्रशासन और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के पास उनकी राय लेने के लिए भेजी। हालांकि, इस नीति पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इस बीच, मंगलवार को नगर निगम ने बावधन बुद्रुक क्षेत्र में पांच अनधिकृत आरएमसी प्लांट के खिलाफ अभियान चलाया। इस संयुक्त कार्रवाई में अतिक्रमण विभाग, आकाशचिन्ह विभाग और निर्माण विकास विभाग की टीमें शामिल रहीं। अभियान के लिए नौ जेसीबी, दो गैस कटर, महाराष्ट्र सुरक्षा बल के 60 जवान, 15 पुलिसकर्मी, पांच अतिक्रमण निरीक्षक और 40 मजदूर तैनात किए गए थे।

महावितरण के सहयोग से पांचों प्लांट की बिजली आपूर्ति काट दी गई। इसके अलावा, उनकी ऑपरेटिंग रूम को सील कर प्लांट बंद कर दिए गए। करीब 35 हजार वर्ग फुट के अनधिकृत निर्माण को हटाने की इस कार्रवाई का उद्देश्य बिना अनुमति संचालित हो रहे आरएमसी प्लांट पर कार्रवाई करना था।

यह अभियान नगर निगम के अतिक्रमण विभाग के उपायुक्त सोमनाथ बनकर और कोथरूड-बावधन क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक आयुक्त सुहास जाधव के मार्गदर्शन में चलाया गया। शहर अभियंता अनिरुद्ध पावसकर और अधीक्षण अभियंता प्रवीण शेंडे के आदेश पर निर्माण विकास विभाग के उपअभियंता भास्कर हांडे और शाखा अभियंता अजय फाले की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। पुणे और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों आरएमसी प्लांट के संचालन तथा उनके लिए निर्धारित नियमों पर अब जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।

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