छोटीसादड़ी के दशहरा मैदान में विजयादशमी पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया।   

छोटीसादड़ी में विजयादशमी पर मंगलवार शाम भंवर माता मार्ग स्थित दशहरा मैदान में 61 फीट ऊंचे रावण सहित कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। भगवान राम बने पात्र के अग्निबाण चलाते ही रावण का पुतला धू-धू कर जल उठा और पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके साथ ही 51-51 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले भी आग की लपटों में घिर गए। वर्षों बाद तीनों पुतलों का एक साथ दहन देखने के लिए क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में लोग दशहरा मैदान पहुंचे। नगर पालिका की ओर से आयोजित आतिशबाजी ने उत्सव का उल्लास बढ़ा दिया।

दशहरा मैदान में रावण दहन से पहले शोरगरों ने आतिशबाजी की। रंग-बिरंगे पटाखों की रोशनी से आसमान जगमगा उठा। मैदान में मौजूद दर्शकों ने आतिशबाजी का लुत्फ उठाया। जयकारों और आतिशबाजी के बीच पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों में भी विजयादशमी को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया।

सूर्यास्त के समय भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान की शोभायात्रा दशहरा मैदान पहुंची। इसके बाद मैदान में राम और रावण की सेनाओं के बीच युद्ध का मंचन किया गया। युद्ध के दृश्यों ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी। मंचन के बाद भगवान राम बने पात्र ने अग्निबाण चलाकर रावण के पुतले का दहन किया। इसके बाद कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों को भी आग के हवाले कर दिया गया। तीनों पुतलों के जलते ही मैदान तालियों और जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

इस बार आयोजन में 61 फीट ऊंचे रावण और 51-51 फीट ऊंचे कुंभकर्ण व मेघनाथ के पुतले आकर्षण का केंद्र रहे। वर्षों बाद तीनों पुतलों का एक साथ दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। नगर पालिका की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम यतींद्र पोरवाल, डीवाईएसपी रामेश्वर लाल, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, नगरपालिका के अधिकारी-कर्मचारी और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

छोटीसादड़ी में आयोजित विजयादशमी उत्सव में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का एक साथ दहन पर्व का प्रमुख आकर्षण रहा। आयोजन ने असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयादशमी के संदेश को सामने रखा। पुतलों के दहन के साथ अहंकार, अन्याय और अधर्म पर सत्य और धर्म की विजय का संदेश दिया गया।

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