तस्वीर में ब्यावर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के बैनर तले जागरूकता कार्यक्रम में शामिल छात्राएं और महिलाएं नजर आ रही हैं।

ब्यावर में BRICS सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक (2026) के तहत बालिकाओं एवं महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। महिला अधिकारिता विभाग की ओर से पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र के माध्यम से 3 एवं 4 नवंबर को विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें योग, व्यायाम, वृक्षारोपण, जल एवं ऊर्जा संरक्षण तथा सतत खाद्य प्रणालियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के पहले दिन 3 नवंबर को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पटेल स्कूल, ब्यावर में बालिकाओं को स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी गई। उन्हें दैनिक दिनचर्या में योग, व्यायाम एवं साइकिलिंग को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान बताया गया कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। साथ ही वृक्षारोपण के महत्व को समझाते हुए अधिकाधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया।

बालिकाओं को ऊर्जा संरक्षण के उपायों की जानकारी देते हुए आवश्यकता नहीं होने पर बिजली के उपकरण बंद रखने, जरूरत के अनुसार ही बिजली का उपयोग करने और दिन में प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी गई। इसके अलावा दैनिक आहार में मोटे अनाज एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि मक्का, बाजरा एवं चने जैसे पोषक खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जल संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया और बालिकाओं से पानी बचाने के साथ अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया।

जागरूकता गतिविधियों के दूसरे दिन 4 नवंबर को महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं व्यायाम करने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ वातावरण और हरियाली आवश्यक हैं। जल संरक्षण का महत्व समझाते हुए ‘जल है तो कल है’ एवं ‘जल ही जीवन है’ का संदेश दिया गया। ऊर्जा की बचत के लिए अनावश्यक बिजली का उपयोग नहीं करने तथा जरूरत नहीं होने पर लाइट एवं अन्य विद्युत उपकरण बंद रखने की सलाह दी गई।

इस अवसर पर राजीविका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की ओर से सतत खाद्य प्रणालियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मोटे अनाज एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी के माध्यम से आमजन को पौष्टिक एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही खाद्य अपव्यय रोकने और भोजन का सदुपयोग करने के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर बालिकाओं एवं महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई। वहीं, बालिकाओं ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत बाल विवाह के विरुद्ध भी शपथ ली। दो दिवसीय अभियान के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत खाद्य प्रणालियों को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।

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