वसई-विरार में मूसलाधार बारिश का कहर, निचले इलाकों में 4 फीट तक भरा पानी
वसई-विरार में मंगलवार सुबह से लगातार मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में 2 से 4 फीट पानी भरा, यातायात और जनजीवन प्रभावित।
तस्वीर में वसई-विरार क्षेत्र की जलभराव वाली सड़क पर पानी भरा दिखाई दे रहा है।
वसई-विरार महानगर पालिका क्षेत्र में मंगलवार सुबह से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। क्षेत्र के निचले इलाकों में दो से चार फीट तक पानी भर गया है, जिससे सड़कें जलमग्न हो गई हैं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले महीने के बाद वसई-विरार महानगर पालिका क्षेत्र में बारिश रुक गई थी और लोगों को जलभराव से निजात मिल गई थी। करीब एक महीने बाद सोमवार रात को रुक-रुककर बारिश शुरू हुई, लेकिन मंगलवार सुबह से लगातार मूसलाधार बारिश होने लगी। इसके चलते नालासोपारा ईस्ट के सेंट्रल पार्क, तुलिंज, आचोले, नगीनदास पाड़ा, चंदन नाका, मोरेगांव, स्टेशन एरिया, वसई सातिवाली, भोयदापाड़ा, रेंज नाका, एवरशाइन सिग्नल और विरार विवा कॉलेज इलाके की सभी सड़कें पानी में डूब गईं।
इन इलाकों में दो से चार फीट तक पानी भर जाने के कारण स्कूली बच्चों और कॉलेज छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करते हुए स्कूल-कॉलेज जाना पड़ा। वहीं, मुंबई आदि क्षेत्रों में काम पर जाने वाले लोकल यात्रियों को भी जलभराव के बीच पैदल चलकर स्टेशन तक पहुंचना पड़ा।
सड़कों पर पानी भरने के कारण कई ऑटो रिक्शा बंद हो गए। दूसरी ओर, वसई-विरार महानगर पालिका परिवहन विभाग के चालक और परिचालक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। परिवहन विभाग की हड़ताल और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
जुलाई महीने की शुरुआत में भी बारिश ने वसई-विरार महानगर पालिका क्षेत्र में तबाही मचाई थी। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद एक बार फिर क्षेत्र में वैसी ही स्थिति बन गई है और जलभराव से लोगों का बुरा हाल है।