मुंबई में जलभराव की समस्या को रोकने और बेहतर कचरा प्रबंधन के लिए बीएमसी की नई स्वच्छता योजना को जल्द ही अंतिम मंजूरी दी जाएगी।

मुंबई। मुंबई को साफ-सुथरा बनाने और मानसून के दौरान जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और प्रतिनिधि गणेश खणकर ने बताया कि मुंबईवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए बीएमसी प्रशासन नई और अत्याधुनिक सेवा परियोजना लागू करने जा रहा है। इस पहल का नाम ‘बृहन्मुंबई स्वच्छता सेवा योजना’ रखा गया है।

गणेश खणकर के अनुसार, पुरानी व्यवस्था में कई कमियां थीं। इसके चलते दैनिक सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के साथ बारिश के मौसम में नालों की सफाई समय पर और व्यवस्थित तरीके से नहीं हो पाती थी, जिससे जलभराव की गंभीर समस्या पैदा होती थी। अब इस पूरी प्रणाली को बदल दिया गया है और पूरे साल सफाई कार्य जारी रखने के लिए अलग और आधुनिक मैकेनिज्म तैयार किया गया है।

नई व्यवस्था के साथ झुग्गी-झोपड़ियों और घनी बस्तियों में संचालित ‘दत्तक वस्ती योजना’ का स्वरूप भी पूरी तरह बदला जा रहा है। पहले बस्तियों से कचरा उठाकर नालियों, नालों या कुओं में फेंके जाने की शिकायतें सामने आती थीं। अब संशोधित योजना के तहत घर-घर से एकत्र किया गया कचरा सीधे महानगरपालिका के वाहनों द्वारा उठाया जाएगा और उसे वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा। इससे कचरे को सड़कों और नालों में फैलने से रोकने की व्यवस्था की जाएगी।

गणेश खणकर ने बताया कि स्थानीय प्रतिनिधियों और आम नागरिकों की विभिन्न मांगों को भी बीएमसी और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया गया है। इनमें निजी लेआउट और परिसरों में भी जनसुविधा के लिए नागरिक निधि का उपयोग करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। चुनाव के दौरान नागरिकों से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

नई व्यवस्था के तहत यदि पूरे वर्ष शहर के नालों और बस्तियों की नियमित सफाई होती रही तो मानसून के दौरान मुंबईवासियों को पानी भरने की समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। संशोधित ‘दत्तक वस्ती योजना’ के नए ड्राफ्ट को जल्द ही बीएमसी और संबंधित अधिकारियों की बैठक में औपचारिक मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद मुंबई में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की नई व्यवस्था को लागू करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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