बांद्रा के नेविल डिसूजा फुटबॉल ग्राउंड का आरक्षण बदलने के प्रस्ताव पर कांग्रेस का बीएमसी में कड़ा विरोध
मुंबई के बांद्रा स्थित नेविल डिसूजा फुटबॉल ग्राउंड का आरक्षण बदलने के बीएमसी प्रस्ताव पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया और खेल मैदान को सुरक्षित रखने की मांग की।
मुंबई में लगातार कम होती खुली जगहों और खेल के मैदानों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के समक्ष बांद्रा रिक्लेमेशन स्थित ऐतिहासिक नेविल डिसूजा फुटबॉल ग्राउंड के आरक्षण को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस ने मैदान का आरक्षण खेल मैदान से बदलकर एग्जिबिशन सेंटर करने के बीएमसी के प्रस्तावित फैसले को जनहित और खेल हित के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
बीएमसी में कांग्रेस दल के नेता अशरफ आजमी ने इस संबंध में महापालिका आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर प्रस्ताव को तुरंत रद्द करने तथा मैदान के खेल आरक्षण को यथावत बनाए रखने की मांग की है।
अशरफ आजमी ने अपने पत्र में कहा है कि बांद्रा का यह फुटबॉल मैदान केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि मुंबई की खेल विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इस मैदान का नाम भारत के महान फुटबॉल खिलाड़ी नेविल डिसूजा के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने वर्ष 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में एशिया की ओर से पहला हैट्रिक गोल करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस फीफा-स्तरीय मैदान का उपयोग लगभग 400 युवा क्लब और 300 सीनियर क्लब नियमित रूप से करते हैं। इसके अलावा हर वर्ष करीब 8,000 से 10,000 बच्चों को इसी मैदान पर फुटबॉल का पेशेवर प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में इस मैदान को हटाकर कन्वेंशन सेंटर बनाने का प्रस्ताव शहर के हजारों युवा खिलाड़ियों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ होगा।
कांग्रेस नेता ने कानूनी और नगर नियोजन नियमों (DCPR-2034) का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी खेल मैदान का आरक्षण तभी बदला जा सकता है, जब उसी क्षेत्र में समान आकार और सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में ऐसी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में महज दो किलोमीटर की दूरी पर पहले से ही 18.5 एकड़ का विशाल कन्वेंशन सेंटर मौजूद है। ऐसे में इस क्षेत्र में दूसरे कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता नहीं है।
कांग्रेस का कहना है कि घनी आबादी वाले मुंबई शहर में पहले से ही हरित और खुले स्थानों की भारी कमी है। ऐसे में संचालित फुटबॉल ग्राउंड को व्यावसायिक उपयोग के लिए परिवर्तित करना जनहित और पर्यावरण, दोनों के विपरीत होगा। पार्टी ने बीएमसी प्रशासन से मांग की है कि इस प्रस्ताव को तत्काल वापस लिया जाए और नेविल डिसूजा फुटबॉल ग्राउंड को केवल खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जाए।