मुंबई फुटपाथ अतिक्रमण पर बड़ा अभियान, महापौर रितु तावड़े ने ‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’ को दिया समर्थन
मुंबई में फुटपाथ अतिक्रमण के खिलाफ बीएमसी का ‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’ अभियान शुरू, महापौर रितु तावड़े ने सभी नगरसेवकों की भागीदारी के निर्देश दिए।
शहर के फुटपाथों को अवैध फेरीवालों और अतिक्रमण से मुक्त कराकर आम नागरिकों को सुरक्षित पैदल चलने का अधिकार देने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा शुरू किए गए ‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’ अभियान को मुंबई की महापौर रितु तावड़े का समर्थन मिला है। महापौर पद का कार्यभार संभालने के बाद से ही रितु तावड़े अवैध फेरीवालों की समस्या के स्थायी और व्यावहारिक समाधान पर जोर दे रही हैं।
महापौर रितु तावड़े का मानना है कि ‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’ अभियान से अवैध फेरीवालों को हटाने के लिए चल रहे प्रयासों को प्रशासनिक मजबूती मिलेगी और शहर की सड़कों व फुटपाथों की स्थिति में तेजी से सुधार आएगा। उन्होंने मुंबई में पंजीकृत फेरीवालों को क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र वितरित करने, फेरीवाला समितियों में अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति करने और सामाजिक संतुलन बनाए रखते हुए अवैध फेरीवालों पर कार्रवाई की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है।
बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’ अभियान के पहले चरण में मुंबई के 322 किलोमीटर लंबे प्राथमिकता वाले फुटपाथों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त और बाधा रहित बनाने की योजना तैयार की गई है। मुंबई में कुल 2,392 किलोमीटर लंबे फुटपाथ हैं, जिनमें से पहले चरण के लिए 322 किलोमीटर के सबसे व्यस्त हिस्सों का चयन किया गया है। इन क्षेत्रों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
अभियान को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए महापौर रितु तावड़े ने बीएमसी प्रशासन को निर्देश दिया है कि मुंबई के सभी नगरसेवकों को इस मुहिम में सीधे तौर पर शामिल किया जाए। इसके लिए सभी नगरसेवकों को तत्काल आधिकारिक अनुरोध पत्र भेजने को कहा गया है। महापौर का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और बीएमसी प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से हर वार्ड में होने वाली कार्रवाई अधिक प्रभावी साबित होगी।
इस अभियान के तहत स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों और व्यस्त बाजारों के आसपास के इलाकों से अवैध फेरीवालों, लावारिस गाड़ियों और अन्य बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाएगा।
महापौर रितु तावड़े के विजन और बीएमसी प्रशासन की इस पहल से मुंबई के विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और आम पैदल यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से शहर के फुटपाथों को सुरक्षित, व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।