मुंबई में लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों से सफर करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा और उनकी यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए मध्य रेलवे ने महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में अनधिकृत प्रवेश करने वाले पुरुष यात्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला किया है। नए नियमों के तहत यदि कोई पुरुष यात्री महिला कोच में अवैध रूप से प्रवेश करता पाया जाता है तो उस पर तत्काल 2,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

मध्य रेलवे ने यह कदम महिला यात्रियों की लगातार सामने आ रही सुरक्षा संबंधी चिंताओं और महिला आरक्षित डिब्बों में पुरुष यात्रियों की अवैध आवाजाही की समस्या को देखते हुए उठाया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मध्य रेलवे द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि कोई पुरुष यात्री मौके पर लगाया गया जुर्माना भरने से इनकार करता है तो उसका मामला सीधे अदालत भेजा जाएगा। ऐसे मामलों में अदालत 5,000 रुपये तक का आर्थिक दंड लगाने या जेल की सजा सुनाने का अधिकार रखती है। हालांकि रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह नियम थर्ड जेंडर पर लागू नहीं होगा।

महिला कोच में अनधिकृत प्रवेश के अलावा मध्य रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने, जनरल टिकट लेकर स्लीपर या एसी जैसे आरक्षित डिब्बों में सफर करने तथा टिकटों के दुरुपयोग के खिलाफ भी व्यापक अभियान शुरू किया है। आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले यात्रियों पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं किसी वैध यात्री की यात्रा में बाधा डालने या उससे बहस करने पर अतिरिक्त 1,000 रुपये का दंड भी लगाया जाएगा।

रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया है। यदि कोई यात्री बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उससे वास्तविक किराये के साथ कम से कम 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाएगा। यदि कोई यात्री कम दूरी का टिकट लेकर उससे आगे तक यात्रा करता है तो उससे शेष किराया और अतिरिक्त पेनल्टी भी वसूली जाएगी।

रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपना टिकट किसी अन्य व्यक्ति को देना या अनधिकृत एजेंटों से टिकट खरीदना गंभीर अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। मध्य रेलवे ने सभी यात्रियों से नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील करते हुए कहा है कि ऐसा करने से वे कानूनी कार्रवाई, आर्थिक दंड और जेल जैसी स्थिति से बच सकते हैं।

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