मुंबई के जलाशयों का महापौर रितू तावडे ने किया दौरा, पानी की स्थिति का लिया जायजा
मुंबई में जलापूर्ति और जल भंडारों की स्थिति का जायजा लेने के लिए बीएमसी महापौर रितू तावडे ने अधिकारियों के साथ प्रमुख जल परियोजनाओं का निरीक्षण किया.
मुंबई में पानी की आपूर्ति और जल भंडारों का जायजा लेने के दौरान बीएमसी महापौर रितू तावडे, स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे और अन्य अधिकारी जलाशय के पास मौजूद हैं.
मुंबई। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बीएमसी महापौर रितू तावडे ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को अपनी टीम के साथ मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले प्रमुख जलाशयों और जल परियोजनाओं का दौरा किया। इस दौरान बीएमसी की स्थायी समिति, पालिका के विभिन्न पदाधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। दौरे का उद्देश्य मुंबई में उपलब्ध जल भंडार, पानी के वितरण की व्यवस्था और आने वाले समय के लिए जल नियोजन की स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लेना था।
महापौर रितू तावडे की प्रमुख मौजूदगी में हुए इस निरीक्षण के दौरान बीएमसी के सदन नेता गणेश खणकर, विरोधी पक्ष नेता किशोरी पेडणेकर, स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे, शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश्री शिरवाडकर, कांग्रेस गटनेता अशरफ आजमी, एआईएमआईएम गटनेता विजय उबाळे और समाजवादी पार्टी की गटनेता अमरीन अब्रहानी सहित कई प्रमुख नेता और समिति सदस्य शामिल रहे।
दौरे में बीएमसी प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें विशेष इंजीनियरिंग विभाग के डिप्टी कमिश्नर पुरुषोत्तम मालवदे, जल अभियंता मंगेश शेवाले और जलापूर्ति प्रोजेक्ट्स के मुख्य अभियंता दिलीप पाटिल शामिल थे। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को जलाशयों में मौजूद पानी के स्तर के साथ जलापूर्ति से जुड़ी चल रही परियोजनाओं की तकनीकी जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान मुंबई की मौजूदा जल स्थिति और पानी के वितरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया गया। साथ ही आने वाले समय में उपलब्ध जल भंडार के बेहतर नियोजन और जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर भी स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरे के जरिए बीएमसी ने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े जमीनी हालात को समझने पर जोर दिया।
महापौर रितू तावडे ने कहा कि मुंबईकरों को बिना किसी परेशानी के स्वच्छ और पर्याप्त पानी मिलता रहे, इसके लिए बीएमसी पूरी तरह तैयार है और भविष्य के लिए बेहतर योजनाएं बना रही है। जलाशयों और जल परियोजनाओं के प्रत्यक्ष निरीक्षण से पानी की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और भविष्य की योजना से जुड़े पहलुओं का जायजा लिया गया।