तस्वीर में मीरारोड में आयोजित कार्यक्रम में एक महिला बच्चों को संबोधित करती दिख रही हैं।   

मुंबई। अनुविभा के तत्वावधान एवं अणुव्रत समिति मुंबई के निर्देशन में क्षेत्रीय अणुव्रत समिति मीरारोड़ की ओर से अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत जीवन विज्ञान दिवस का आयोजन मीरारोड़ स्थित शिखर इंटरनेशनल स्कूल में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अणुव्रत गीत के एक पद से हुई।

कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति प्रेक्षा प्रशिक्षक उषा सिरोहिया की रही। उन्होंने बच्चों को योगिक क्रियाएं करवाईं तथा समताल श्वास प्रेक्षा और पढ़ाई में मन लगे, इसके लिए छोटे-छोटे टिप्स बताए। सहसंयोजिका शांता कोठारी ने बच्चों को गुड हैबिट्स एंड बैड हैबिट्स के बारे में बताया। उन्होंने ध्वनि एवं मुद्रा के माध्यम से स्वयं में बदलाव लाने की बात कहानी के जरिए समझाई।

जोन सह प्रभारी घेवर ने बच्चों को जीवन विज्ञान के संकल्प और उससे होने वाले लाभ के बारे में बताया। स्कूल के संस्थापक बृजेश ने अपनी अभिव्यक्ति के माध्यम से अणुव्रत के महत्व को बताया और अणुव्रत कार्यक्रम की प्रशंसा की।

पत्रकार कृपाशंकर ने अपने शब्दों में बच्चों को अणुव्रत के नियम एवं अणुव्रत की उपयोगिता बताई। संयोजक रमेश कोठारी ने स्वागत करते हुए स्कूल संस्थापक बृजेश का अणुव्रत दुपट्टा से सम्मान किया। सह संयोजक विनय खाब्या ने आगंतुकों एवं स्कूल टीचर्स का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में 65 बच्चे और टीचर्स उपस्थित रहे। स्कूल के सभी टीचर्स एवं बच्चों ने अणुव्रत कार्यक्रम को अच्छा बताया और सप्ताह में एक बार कार्यक्रम आयोजित किए जाने का सुझाव दिया।

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