मुंबईकरों की पानी की चिंता दूर, मध्य वैतरणा ओवरफ्लो और भातसा 99% से ज्यादा भरी
मुंबई की सात प्रमुख झीलों में 97 प्रतिशत से अधिक पानी जमा हो चुका है। मध्य वैतरणा झील ओवरफ्लो हो गई, जबकि भातसा 99 प्रतिशत से ज्यादा भर चुकी है। 345 दिनों की पानी की जरूरत पूरी होने से संकट टल गया है।
मुंबई। मुंबई शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मध्य वैतरणा झील पूरी तरह भरकर ओवरफ्लो होने लगी है, जबकि मुंबई को सबसे ज्यादा पानी देने वाली भातसा झील भी 99 प्रतिशत से अधिक भर चुकी है। बारिश की एक जोरदार बौछार के साथ इसके भी पूरी तरह भरने की संभावना है।
जल आपूर्ति विभाग के अनुसार, मुंबई को रोजाना पानी देने वाली सभी सात झीलों में कुल 97 प्रतिशत से अधिक पानी जमा हो चुका है। उपलब्ध जलसंग्रह अगले साल के मानसून तक करीब 345 दिनों के लिए मुंबई शहर की पानी की जरूरतों को पूरा कर सकता है। ऐसे में मुंबई पर मंडरा रहा जल संकट अब पूरी तरह टल गया है।
इससे पहले जुलाई महीने में विहार, तुलसी, तानसा और मोडक सागर नाम की चार झीलें भर चुकी थीं। अब गणेशोत्सव के दौरान हुई अच्छी बारिश के कारण मध्य वैतरणा झील भी शत-प्रतिशत भर गई है और ओवरफ्लो होने लगी है।
वहीं ऊपरी वैतरणा झील में भी 95 प्रतिशत से अधिक पानी भर चुका है। भातसा झील 99 प्रतिशत से अधिक भर चुकी है और बारिश की एक जोरदार बौछार से इसके भी किसी भी समय पूरी तरह भर जाने की स्थिति बन गई है।
वर्तमान में मुंबई में 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू है। हालांकि, झीलों में पानी की इस स्थिति को देखते हुए नागरिकों को जल्द ही पानी की कटौती से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
सातों प्रमुख झीलों में 97 प्रतिशत से अधिक जलसंग्रह और मध्य वैतरणा के ओवरफ्लो होने से मुंबई महानगरपालिका प्रशासन के साथ आम जनता ने भी राहत की सांस ली है। उपलब्ध जलसंग्रह के चलते आने वाले पूरे साल मुंबई में पानी की किल्लत नहीं होने की स्थिति बनी है।