जंगल में शिकार करने गए व्यक्ति की गोली लगने से मौत, शव का अंतिम संस्कार कर छिपाया मामला
मीरा-भाईंदर के काशीगांव में संजय गांधी नेशनल पार्क के जंगलों में शिकार के दौरान साथी को जंगली जानवर समझकर गोली मार दी गई। विजय साप्ते की मौत के बाद अंतिम संस्कार कर मामला छिपाने का प्रयास हुआ। पुलिस ने सात लोगों पर कार्रवाई की।
मीरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के डिविजन-1 के काशीगांव पुलिस स्टेशन क्षेत्र में शिकार के दौरान गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। संजय गांधी नेशनल पार्क के जंगलों में जंगली जानवरों का शिकार करने गए लोगों में से एक ने अपने ही साथी को जानवर समझकर गोली चला दी। गोली लगने से विजय साप्ते की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के शव का आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया और उनके विरुद्ध मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, मामले में महेश अनंत गायकर और कथोड़ बिस्तुर लाबड़ को आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है।
20 अक्टूबर को काशीगांव पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर राहुल कुमार पाटील को सूचना मिली कि चेनागांव के वेलकारी पाड़ा में रहने वाले विजय साप्ते की गोली लगने से मौत हो गई है और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया कि विजय साप्ते अपने दोस्तों के साथ संजय गांधी नेशनल पार्क के देबुचा घाट, चेनागांव के जंगल में जंगली जानवरों का शिकार करने गया था।
पुलिस जांच के अनुसार, शिकार पर गए लोगों में महेश अनंत गायकर, उम्र 52 वर्ष, मृतक का बेटा रोहित विजय साप्ते, उम्र 21 वर्ष, कल्पेश बंदू डगला, उम्र 25 वर्ष, कुणाल प्रभाकर शेलार, उम्र 31 वर्ष, कथोड़ बिस्तुर लाबड़, उम्र 55 वर्ष और प्रवीण बालू जाधव, उम्र 55 वर्ष शामिल थे। सभी संबंधित लोग चेनागांव और घोड़बंदर रोड क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
मामले की जांच के दौरान काशीगांव पुलिस स्टेशन की डिटेक्शन ब्रांच टीम ने शिकार करने गए सभी लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि महेश गायकर के पास छर्रों वाला एक डबल बोर कार्ट्रिज था और दोनों के पास एक-एक शॉटगन थी। रात करीब 9 बजे महेश गायकर ने सामने खड़े व्यक्ति के मोबाइल फोन की रोशनी देखी। उसने सामने मौजूद व्यक्ति को जंगली जानवर समझ लिया और उसी दिशा में निशाना साधकर गोली चला दी।
गोली के छर्रे विजय साप्ते, उम्र 60 वर्ष, के सीने में लगे, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जंगल से नीचे लाकर बेलकाडी पाड़ा, चेनागांव में अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले जाया गया।
विजय साप्ते की मौत के बाद घटना की जानकारी छिपाने के लिए आनन-फानन में उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के बेटे और अन्य लोगों ने चेनागांव स्थित गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना मिली और जांच के दौरान शिकार के दौरान गोली चलने तथा मौत के बाद अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी सामने आई।
इंस्पेक्टर राहुल कुमार पाटील के नेतृत्व में पुलिस ने मामले में शामिल सात लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की। इनमें महेश अनंत गायकर, निवासी चेनागांव; रोहित विजय साप्ते, उम्र 21 वर्ष, निवासी बेलकाडीपाड़ा, चेनागांव और मृतक का बेटा; कल्पेश बंदू डगला, उम्र 25 वर्ष, निवासी बेलकाडीपाड़ा, चेनागांव; कुणाल प्रभाकर शेलार, उम्र 31 वर्ष, निवासी मकान नंबर 95, पाटिलपाड़ा, चेनागांव, घोड़बंदर रोड; कथोड़ बिस्तुर लाबड़, उम्र 55 वर्ष, निवासी बेलकाडीपाड़ा, चेनागांव, घोड़बंदर रोड; प्रवीण बालू जाधव, उम्र 55 वर्ष, निवासी चेनागांव, घोड़बंदर रोड; और डॉ. राजेश पांडुरंग पलांडे, उम्र 56 वर्ष, निवासी ग्रीन विलेज, माशाचा पाड़ा रोड, काशीगांव, मीरारोड शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, डॉ. राजेश पांडुरंग पलांडे पर पुलिस को सूचित किए बिना मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में मदद करने का आरोप है। काशीगांव पुलिस स्टेशन में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 106(1), 118(1), 238, 352 और 3(5) के साथ शस्त्र अधिनियम, 1959 की धाराओं 3 और 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में महेश अनंत गायकर और कथोड़ बिस्तुर लाबड़ को आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में शिकार के दौरान हुई गोलीबारी, दो अन्य लोगों के घायल होने और मौत के बाद अंतिम संस्कार किए जाने से जुड़े घटनाक्रम सामने आए हैं।