मुंबई पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जयशंकर के साथ अहम द्विपक्षीय वार्ता पर नजर
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मुंबई पहुंचे, जहां विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार समझौते, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक पर चर्चा हुई। यात्रा के दौरान 26/11 पीड़ितों को श्रद्धांजलि और गुजरात के जामनगर दौरे का कार्यक्रम भी है।
मुंबई में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान हाथ मिलाते अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (बाएं) और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (दाएं)।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मुंबई पहुंचे, जहां विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार समझौते, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक पर चर्चा हुई। यात्रा के दौरान 26/11 पीड़ितों को श्रद्धांजलि और गुजरात के जामनगर दौरे का कार्यक्रम भी है।
रुबियो की यह इस वर्ष भारत की दूसरी यात्रा है। इससे पहले मई में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की थी। उस दौरान उन्होंने क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया था। इस बार वह एक बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के संस्कृति, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्री आशीष शेलार ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर रुबियो का स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है।
मुंबई में जयशंकर और रुबियो की बैठक में ऊर्जा, व्यापार एवं निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित आपसी हित के अन्य विषयों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते और पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचार-विमर्श होना था। इस बैठक का उद्देश्य भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
रुबियो ने मुंबई में 26/11 आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने ताज मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस हमले में 160 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी इस दौरान उनके साथ मौजूद थे। इसके अलावा, रुबियो मुंबई में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित स्वागत समारोह में शामिल होने वाले हैं।
रुबियो ने मुंबई में 26/11 आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने ताज मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस हमले में 160 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी इस दौरान उनके साथ मौजूद थे। इसके अलावा, रुबियो मुंबई में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित स्वागत समारोह में शामिल होने वाले हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भी इस यात्रा के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। रुबियो ने उज्बेकिस्तान में कहा था कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने रूस से तेल खरीद के संबंध में भारत को दी गई शुल्क छूट का उल्लेख करते हुए कहा था कि ऐसे निर्णय लेते समय व्यापार समझौते की स्थिति पर भी विचार किया जाता है। भारत और अमेरिका 2025 की शुरुआत से प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य शुल्क संबंधी मतभेदों को दूर करना, गैर-शुल्क बाधाओं को कम करना और दोनों देशों के बाजारों तक पहुंच बढ़ाना है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भी इस यात्रा के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। रुबियो ने उज्बेकिस्तान में कहा था कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने रूस से तेल खरीद के संबंध में भारत को दी गई शुल्क छूट का उल्लेख करते हुए कहा था कि ऐसे निर्णय लेते समय व्यापार समझौते की स्थिति पर भी विचार किया जाता है। भारत और अमेरिका 2025 की शुरुआत से प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य शुल्क संबंधी मतभेदों को दूर करना, गैर-शुल्क बाधाओं को कम करना और दोनों देशों के बाजारों तक पहुंच बढ़ाना है।