मुंबई महानगरपालिका की बैठक में एफडी पर घमासान, 13,775 करोड़ रुपये के इस्तेमाल पर श्वेतपत्र की मांग
मुंबई महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक में 13,775 करोड़ रुपये की एफडी तोड़े जाने के दावे पर श्वेतपत्र की मांग उठी। 79,873 करोड़ रुपये की एफडी, विकास निधि के आवंटन और नियमित वित्तीय रिपोर्ट को लेकर सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई।
मुंबई महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक में बुधवार को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की राशि को लेकर सत्ताधारी शिंदेसेना और ठाकरेसेना के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। चर्चा के दौरान राजनीतिक दल बदलने के मुद्दे पर भी विवाद बढ़ गया। वहीं, कांग्रेस के सदस्य अशरफ आजमी ने प्रशासक के कार्यकाल से अब तक 13,775 करोड़ रुपये की एफडी तोड़े जाने का दावा करते हुए राशि के इस्तेमाल का ब्योरा सार्वजनिक करने के लिए श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
बैठक में एफडी की राशि और पार्षदों को विकास कार्यों के लिए मिलने वाले धन पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। ठाकरेसेना की लक्ष्मी भाटिया ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्षदों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं मिल रही है। इस पर प्रीति सातम ने तंज कसा। जवाब में भाटिया ने कहा कि उन्हें बार-बार पार्टी बदलने की आदत नहीं है।
इसके बाद विवाद ने राजनीतिक रूप ले लिया। सत्ताधारी पक्ष की एक सदस्य ने विपक्षी सदस्य से कहा, “आप हमारे पास आ जाइए।” इस टिप्पणी के बाद दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच बहस और तेज हो गई। इसी दौरान यामिनी जाधव ने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले का कारण बताया। स्थिति को देखते हुए समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे को हस्तक्षेप करना पड़ा।
बैठक में एफडी की राशि के इस्तेमाल का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कांग्रेस के अशरफ आजमी ने दावा किया कि प्रशासक के कार्यकाल से अब तक मुंबई महानगरपालिका ने 13,775 करोड़ रुपये की एफडी तोड़ी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए इस राशि के इस्तेमाल की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने के लिए श्वेतपत्र जारी करने की मांग की। अन्य सदस्यों ने भी एफडी से संबंधित वित्तीय लेनदेन का पूरा हिसाब उपलब्ध कराने और नियमित रिपोर्ट पेश करने की मांग की।
इस पर समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने बताया कि मुंबई महानगरपालिका के विभिन्न बैंकों में फिलहाल 79,873 करोड़ रुपये की एफडी जमा हैं। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि इन एफडी से संबंधित वित्तीय स्थिति और विवरण की रिपोर्ट हर तीन महीने में समिति के सामने पेश की जाए।
बैठक में एफडी की राशि, उसके इस्तेमाल और विकास कार्यों के लिए धन के आवंटन को लेकर उठे सवालों के बीच श्वेतपत्र की मांग और हर तीन महीने में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश महानगरपालिका की वित्तीय स्थिति से जुड़ी चर्चा के प्रमुख मुद्दे रहे।