मुंबईकरों को राहत: सायन रेलवे ओवरब्रिज समेत तीन नए पुल कल होंगे जनता को समर्पित
मुंबई में सायन रेलवे ओवरब्रिज समेत तीन नए पुल गुरुवार को जनता के लिए खोले जाएंगे। 112 साल पुराने पुल की जगह बने नए ओवरब्रिज से यातायात, मध्य और पश्चिमी उपनगरों की कनेक्टिविटी और यात्रियों के सफर पर क्या असर पड़ेगा?
मुंबई में बीएमसी द्वारा पुनर्निर्मित सायन रेलवे ओवरब्रिज, जिसे गुरुवार को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जाना है, जिससे मध्य और पश्चिमी उपनगरों के बीच ट्रैफिक सुचारू होगा।
मुंबई। मुंबई में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से सायन रेलवे ओवरब्रिज समेत तीन महत्वपूर्ण पुलों को गुरुवार को जनता के लिए खोलने की तैयारी है। इन पुलों के शुरू होने से शहर के विभिन्न हिस्सों में आवागमन आसान होने और यातायात जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
इन तीन पुलों में सबसे प्रमुख सायन रेलवे ओवरब्रिज है, जो 112 साल पुराने और जर्जर पुल की जगह बनाया गया है। सायन रेलवे स्टेशन के पास स्थित पुरानी संरचना को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद गिराकर नए सिरे से पुल का निर्माण किया गया। नए पुल का निर्माण पुरानी संरचना को बदलने के साथ-साथ मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और कुर्ला के बीच रेलवे की पांचवीं और छठी लाइन बिछाने की योजना को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए भी आवश्यक था।
बीएमसी के अनुसार, तीनों पुलों के जनता के लिए खुलने से मुंबई के अलग-अलग क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। खासकर मध्य और पश्चिमी उपनगरों के बीच संपर्क सुगम होने से रोजाना आवागमन करने वाले लाखों यात्रियों को लाभ मिलने की संभावना है। निर्माण कार्यों के कारण लंबे समय से प्रभावित रास्तों पर यातायात सुचारू होने से यात्रियों के समय की बचत हो सकेगी।
सायन रेलवे ओवरब्रिज का पुनर्निर्माण रेलवे की आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से कुर्ला के बीच पांचवीं और छठी रेलवे लाइन बिछाने की योजना को आगे बढ़ाने के लिए इस पुल का निर्माण जरूरी था। अब नए पुल के शुरू होने से इस क्षेत्र में सड़क यातायात और रेलवे संबंधी विकास कार्यों के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद है।
बीएमसी और रेलवे प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से तैयार इन तीन पुलों के गुरुवार को जनता को समर्पित होने के बाद मुंबई के संबंधित क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था और संपर्क सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।