तस्वीर में विरार पुलिस स्टेशन की डिटेक्शन ब्रांच टीम चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों और बरामद सामान के साथ विरार में नजर आ रही है।

मीरा भाईंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय के डिविजन 3 के अंतर्गत विरार पुलिस स्टेशन क्षेत्र में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस की डिटेक्शन ब्रांच टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से करीब 6 लाख रुपये के कीमती सोने के आभूषण जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में प्रकाश पुखराज त्रिवेदी (उम्र 35 वर्ष) भी शामिल है, जो कुछ दिन पहले ही जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के कुछ ही दिनों बाद वह दोबारा चोरी के मामले में पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

जानकारी के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को विरार निवासी विशाल हरिश्चंद्र पंजारे के घर में चोरी की वारदात हुई थी। किसी अज्ञात व्यक्ति ने लोहे की रॉड से लॉकर तोड़कर लाखों रुपये के कीमती आभूषण चुरा लिए और मौके से फरार हो गया। शिकायत मिलने के बाद विरार पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।

पुलिस इंस्पेक्टर एम. एल. तूरे के मार्गदर्शन में डिटेक्शन ब्रांच के रामेश्वर पडवल, अशोक पाटिल, संदीप जाधव, सचिन बालिद, बालाजी गायकवाड़, बालाजी शिंदे सहित पुलिस टीम ने जांच शुरू की। पुलिस इस चोरी की वारदात में शामिल आरोपी की तलाश कर रही थी, लेकिन जांच के दौरान एक अन्य शातिर चोर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसकी पहचान सामने आने पर पुलिस भी हैरान रह गई, क्योंकि विरार पुलिस उसे कुछ महीने पहले भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह कुछ दिन पहले ही जेल से रिहा हुआ था और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी वजह से उसने विरार निवासी हरिश्चंद्र के घर से लाखों रुपये के कीमती आभूषण चोरी करने की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी निशानदेही पर चोरी किए गए आभूषण बरामद किए।

इसी बीच, पुलिस ने चोरी की एक अन्य वारदात का भी पर्दाफाश करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के पास से दो सोने की चेन, सोने का पेंडल, सोने की दो रिंग, कान के झुमके और एक सोने की अंगूठी सहित कुल करीब 6 लाख रुपये के आभूषण जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपी प्रकाश पुखराज त्रिवेदी (35) के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे दोबारा जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का पेशा चोरी करना है और चोरी से मिले रुपयों को मौज-मस्ती में खर्च करना उनकी आदत बन गई है। जेल से रिहा होने के कुछ ही दिनों बाद दोबारा चोरी के मामले में गिरफ्तारी ने पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी की पिछली आपराधिक गतिविधियों को भी सामने ला दिया है।

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