दादर के फूल और सब्जी मंडी के कचरे से बनेंगे अगरबत्ती और खाद, बीएमसी की नई पहल
दादर की फूल और सब्जी मंडी के रोजाना 25 मीट्रिक टन कचरे से खाद, अगरबत्ती, गैस और भूकटी बनाने की बीएमसी की योजना।
तस्वीर में बीएमसी की अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त प्राजक्ता वर्मा लवंगारे और अन्य अधिकारी दादर स्थित मां साहेब मीनाताई ठाकरे फूल बाजार में कचरा प्रबंधन और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए नजर आ रहे हैं।
मुंबई के दादर स्थित मां साहेब मीनाताई ठाकरे फूल बाजार और क्रांतिसिंह नाना पाटील सब्जी मंडी में रोजाना निकलने वाले कचरे के स्थानीय स्तर पर निपटारे के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका विशेष प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। बीएमसी की अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त प्राजक्ता वर्मा लवंगारे ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डंपिंग ग्राउंड पर कचरे का बोझ कम करने के लिए कचरे का निपटारा स्थानीय स्तर पर ही किया जाए।
फूल बाजार में रोजाना लगभग 10 मीट्रिक टन फूलों का कचरा और सब्जी मंडी में 15 मीट्रिक टन सब्जियों का कचरा निकलता है। इसे कचरा स्थलों पर भेजने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही उपयोग में लाने की योजना है। फूलों के कचरे से जैविक खाद और अगरबत्ती जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जबकि सब्जियों के कचरे से भूकटी, गैस और खाद का निर्माण किया जाएगा।
बीएमसी की इस पहल का उद्देश्य कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाना और डंपिंग ग्राउंड पर जाने वाले कचरे की मात्रा कम करना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
प्राजक्ता वर्मा लवंगारे ने आगामी गणेशोत्सव के मद्देनजर लालबाग क्षेत्र का भी दौरा किया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, कतार प्रबंधन, बैरिकेडिंग और चिकित्सा सेवाओं का जायजा लिया।
इसके अलावा उन्होंने माहिम मछुआरा कॉलोनी से बांद्रा-वर्ली सी लिंक को जोड़ने वाले फ्लाईओवर के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। परियोजना में बाधा बन रहे निर्माणों को समय सीमा के भीतर हटाने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए।
दादर की दोनों प्रमुख मंडियों में प्रतिदिन निकलने वाले करीब 25 मीट्रिक टन फूल और सब्जी कचरे के स्थानीय प्रसंस्करण की यह पहल कचरा निपटान के साथ उपयोगी उत्पादों के निर्माण और रोजगार सृजन से जुड़ी है।