रक्षाबंधन कार्यशाला में आत्मरक्षा, त्याग और जैन संस्कारों का संदेश, 150 ने लिया संकल्प
मुंबई के चेंबूर स्थित तेरापंथ भवन में आयोजित रक्षाबंधन कार्यशाला में जैन संस्कार विधि के माध्यम से आत्मरक्षा, आध्यात्मिकता और त्याग का संदेश दिया गया। साध्वी निर्वाणश्री की प्रेरणा से 150 से अधिक श्रद्धालुओं ने “त्याग की राखी” बांधकर विशेष संकल्प लिया।
तस्वीर में चेंबूर में आयोजित रक्षाबंधन कार्यशाला के दौरान मंच पर प्रवचन देती हुई साध्वी और उपस्थित साध्वीवृंद नजर आ रही हैं।
मुंबई। चेंबूर में जैन संस्कार विधि के बढ़ते चरणों के बीच “जैनम् – जैनत्व हम घर-घर पहुँचाएंगे” के संकल्प के साथ तेरापंथ युवक परिषद, चेंबूर द्वारा समाज में संस्कार, आध्यात्मिकता एवं जीवन मूल्यों के संवर्धन का प्रयास एक प्रेरणादायी आयोजन के रूप में सामने आया। सुशिष्या साध्वी निर्वाणश्री ठाणा-6 के पावन सान्निध्य में तेरापंथ युवक परिषद, चेंबूर के तत्वावधान में तेरापंथ भवन, चेंबूर में “रक्षाबंधन कार्यशाला” का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य रक्षाबंधन पर्व को जैन संस्कार विधि के माध्यम से आध्यात्मिक दृष्टिकोण के साथ मनाने की प्रेरणा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के सामूहिक उच्चारण एवं मंगल भावना यंत्र की स्थापना के साथ हुआ। जैन संस्कारक ह्री. मालचंद भंसाली ने जैन संस्कार विधि के अनुसार रक्षाबंधन संस्कार का प्रशिक्षण प्रदान करते हुए बताया कि किस प्रकार व्यवस्थित विधि-विधान, मंगल मंत्रोच्चार एवं आध्यात्मिक भावनाओं के साथ राखी बांधी जानी चाहिए। उन्होंने उपस्थित जनसमूह के समक्ष संपूर्ण विधि का प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया।
साध्वी निर्वाणश्री ने अपने प्रेरणादायी प्रवचन एवं प्रशिक्षण में कहा कि रक्षाबंधन का पर्व भले ही लौकिक हो, किंतु आत्मरक्षा का चिंतन पूर्णतः आध्यात्मिक है। उन्होंने कहा कि आत्मा की रक्षा, पुष्टि एवं तुष्टि के लिए नए दृष्टिकोण से राखी बांधने की आवश्यकता है। ज्ञान का प्रकाश, अज्ञान का समूल नाश तथा राग-द्वेष के क्षय के पश्चात ही आत्मा अपने अविचल स्वरूप को प्राप्त करती है। रक्षाबंधन बाह्य सुरक्षा के साथ-साथ आत्मिक सुरक्षा का भी संदेश देता है। साध्वीश्री ने उपस्थित सभी भाई-बहनों को सर्वेन्द्रिय संयम का विशेष प्रयोग भी करवाया।
साध्वी डॉ. योगक्षेमप्रभा ने अपने विशेष वक्तव्य में आत्मरक्षा के विविध आध्यात्मिक उपायों की सारगर्भित प्रस्तुति दी तथा आत्मरक्षा एवं गृह-रक्षा कवच से संबंधित विशेष मंत्र-जाप के प्रयोग करवाए। कार्यक्रम में साध्वी योगक्षेमप्रभा, साध्वी लावण्यप्रभा, साध्वी कुंदनयशा, साध्वी मुदितप्रभा एवं साध्वी मधुरप्रभा ने रक्षाबंधन विषयक भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया। साध्वीवृंद द्वारा तैयार की गई मनमोहक नौ प्रकार की राखियाँ सभी भाई-बहनों को भेंट की गईं, जिन्हें प्राप्त कर सभी भाव-विभोर हो उठे। इसके पश्चात राखी बांधने वालों का उत्साहपूर्ण क्रम देर तक चलता रहा।
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि यह रही कि साध्वीश्री की प्रेरणा से उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने रक्षाबंधन के अवसर पर “त्याग की राखी” बांधते हुए आध्यात्मिक भेंट अर्पित की। लगभग 150 से अधिक भाई-बहनों ने त्याग का संकल्प लेकर त्याग की राखी बांधी, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। उपस्थित सभी बहनों ने अपने भाइयों को रक्षा-सूत्र बांधा तथा भाइयों ने बहनों का मुंह मीठा करवाया। सभी ने जैन संस्कार विधि से रक्षाबंधन मनाने का संकल्प भी लिया।
तेयुप चेंबूर के अध्यक्ष हिमांशु गन्ना एवं मंत्री कपिल मेहता ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई। मंत्री कपिल मेहता ने चेंबूर में जैन संस्कार विधि के निरंतर बढ़ते चरणों की जानकारी देते हुए सभी का स्वागत-अभिनंदन किया तथा जैन संस्कारक का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष अरुण धाकड़, सहमंत्री मुकेश डूंगरवाल, निलेश राठौड़, ज्ञानशाला प्रशिक्षिका तारा आच्छा, महिला मंडल, तेरापंथ सभा ट्रस्ट, तेरापंथ सभा एवं समस्त चेंबूर श्रावक समाज की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। यह आयोजन रक्षाबंधन को आध्यात्मिक चेतना, आत्मरक्षा और त्याग के संदेश के साथ समाज में संस्कारों के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बना।