मुंबई में 15 जगहों पर बनेंगे आधुनिक सार्वजनिक शौचालय, बीएमसी ने जारी किए 15 करोड़ के टेंडर
मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में 15 आधुनिक सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे। बीएमसी ने 15 करोड़ 30 लाख रुपये के टेंडर जारी किए हैं। इनमें सोलर पैनल, सीसीटीवी और दिव्यांगों सहित तृतीयपंथियों के लिए सुविधाएं होंगी।
मुंबई। प्रमुख राजमार्गों, समुद्र तटों और अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में आम नागरिकों को बेहतर और स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बीएमसी प्रशासन ने पश्चिमी उपनगरों में 15 अत्याधुनिक सार्वजनिक शौचालय बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए बीएमसी ने करीब 15 करोड़ 30 लाख रुपये के टेंडर जारी किए हैं।
इन सार्वजनिक शौचालयों का संचालन ‘पे एंड यूज’ यानी पैसे देकर इस्तेमाल करने के आधार पर किया जाएगा। बीएमसी के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के अनुसार, पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अगले 18 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनने वाले इन ‘एस्पिरेशनल टॉयलेट’ में स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रस्तावित शौचालयों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी। इसके साथ ही दिव्यांगों और तृतीयपंथियों के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों की बचत को ध्यान में रखते हुए शौचालय परिसरों में सोलर पैनल और पानी बचाने वाले नल लगाए जाएंगे। महिलाओं की सुविधा के लिए सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन भी उपलब्ध होगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन सुविधाओं के तैयार होने के बाद वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, अंधेरी स्टेशन और मेट्रो स्टेशनों के आसपास से गुजरने वाले लाखों यात्रियों को सार्वजनिक शौचालय की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा जुहू, वर्सोवा और अक्सा बीच पर आने वाले पर्यटकों के लिए भी ये शौचालय उपयोगी होंगे।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य मुंबई में सार्वजनिक स्वच्छता के स्तर को और बेहतर करना तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। 15 स्थानों पर प्रस्तावित इन आधुनिक शौचालयों में स्वच्छता, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और विभिन्न वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं शामिल की गई हैं।