तस्वीर में 'आवाज गढ़चांदूरचा' कार्यक्रम का पोस्टर और उसमें शामिल गायक नजर आ रहे हैं।   

यवतमाल जिले के ग्राम परमडोह में ‘आवाज गढ़चांदूरचा’ टीम ने अपने पहले सार्वजनिक स्टेज शो की शानदार प्रस्तुति देकर ग्रामवासियों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद हासिल किया। कार्यक्रम ‘आवाज गढ़चांदूरचा’ के संस्थापक सदस्य, प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं सामाजिक कार्यकर्ता धनंजय भाऊ छाजेड़ के पैतृक गांव परमडोह में आयोजित किया गया।

स्थानीय लोकपरंपरा के अनुसार पितृपक्ष के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में ‘हाडपोक गणपति’ की स्थापना कर दस दिनों तक भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। इसी धार्मिक एवं पारंपरिक आयोजन के अवसर पर ‘आवाज गढ़चांदूरचा’ की टीम ने न्यू बाल गणेश मंडल, परमडोह के भगवान श्री गणेश के चरणों में वंदना अर्पित करते हुए अपने पहले सार्वजनिक संगीत कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में धनंजय छाजेड़, स्वप्निल छाजेड़, विजय ठाकुरवार, सागर ठाकुरवार, तुलसीराम पानघाटे, सतीश उपलंचीवार एवं अपर्णा उपलेंचीवार ने अपनी सधी हुई एवं सुरीली आवाज में विभिन्न लोकप्रिय भजनों और गीतों की प्रस्तुति दी। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित ग्रामवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर देर तक उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।

इस अवसर पर गढ़चांदूर व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हंसराज जी चौधरी, संतोष जी छाजेड़, चन्द्रशेखर काकड़े, जीवन डवरे सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर ग्रामवासियों ने ‘आवाज गढ़चांदूरचा’ की पूरी टीम का अभिनंदन किया और भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की शुभकामनाएं दीं। परमडोह में आयोजित यह पहला सार्वजनिक संगीत कार्यक्रम टीम की प्रस्तुति और ग्रामीणों के उत्स्फूर्त जुड़ाव के चलते यादगार बन गया।

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