डोंबिवली तेरापंथी सभा की गुरुदेव दर्शन यात्रा लाडनूं में संपन्न
अध्यक्ष मदन कोठारी के नेतृत्व में आयोजित यात्रा में ज्ञानार्थियों ने आचार्य महाश्रमण के समक्ष कालचक्र पर प्रस्तुति दी।
तस्वीर में सफेद वस्त्र धारी जैन संत के सामने हाथ जोड़े खड़े बच्चे और श्रद्धालु।
डोंबिवली तेरापंथी सभा के अंतर्गत अध्यक्ष मदन कोठारी के नेतृत्व में ‘तिन्नाणं तारयाणं’ गुरुदेव दर्शन यात्रा लाडनूं का सफल आयोजन हुआ। यात्रा में ज्ञानशाला के 14 प्रशिक्षक, 28 ज्ञानार्थी, सभा मेंबर्स और अभिभावकों सहित कुल 50 सदस्यों की उपस्थिति रही।
यात्रा के दौरान सर्वप्रथम ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं और तेरापंथ महिला मंडल ने शुभकामनाएं दीं। आचार्य महाश्रमण की सेवा में बच्चों से 25 बोल के प्रश्न पूछे गए, जिनके बच्चों ने सही उत्तर दिए। युवाचार्य महावीर कुमार की सेवा के दौरान बच्चों से ‘तिन्नाणं तारयाणं’ का अर्थ और नमोत्थुणं की पाटी पूछी गई। बच्चों ने उत्साहपूर्वक अर्थ एवं पाटी स्पष्ट और सरल तरीके से सुनाई।
साध्वी प्रमुखा विश्रुत विभा और साध्वी वर्या के साथ अन्य साधु-साध्वियों के भी दर्शन किए गए। मुनि मृदु कुमार की भी सेवा की गई। मुख्य प्रवचन के दौरान ज्ञानार्थियों ने कालचक्र की सुंदर और रोचक प्रस्तुति दी। गुरुदेव और युवाचार्य ने प्रस्तुति की सराहना की। गुरुदेव ने सभी को धर्म के प्रति आस्था रखने की प्रेरणा दी।
यात्रा के दौरान गणाधिपति गुरुदेव तुलसी की जन्मस्थली, महाप्रज्ञ प्रोग्रेसिव स्कूल, नेचुरोपैथी सेंटर एंड मेडिकल कॉलेज और तुलसी कला दीर्घा का भ्रमण किया गया।
तेरापंथी सभा के कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंघवी, ज्ञानशाला संयोजक नरेश मादरेचा एवं उपाध्यक्ष दिनेश कच्छारा का गुरु दर्शन यात्रा को सफल बनाने में विशेष सहयोग रहा। सभी प्रशिक्षिकाओं के श्रम और मेहनत से यात्रा सफल हुई। अभिभावकों का भी अच्छा सहयोग रहा। डोंबिवली ज्ञानशाला की इस यात्रा में बच्चों की सहभागिता और प्रस्तुतियों ने गुरुदर्शन के साथ ज्ञानशाला की गतिविधियों को भी विशेष रूप से जोड़ा।